अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा सत्र बुलाने में देश में नीचे से तीसरे नंबर पर है। सिक्किम व त्रिपुरा को छोड़ दें तो हरियाणा देश में तीसरा ऐसा राज्य है, जहां सबसे कम समय के लिए विधानसभा सत्र बुलाए जाते हैं। इसमें विधायकों को बोलने का अवसर नहीं मिलता। कांग्रेस विधायक वरुण चौधरी ने नगर निगम विधेयक 2023 के लिए लाए गए अध्यादेश पर चर्चा करते हुए यह सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अध्यादेश लाते समय कहा गया कि चूंकि विधानसभा का सत्र नहीं चल रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि कार्यपालिका क्यों नहीं विधानसभा का सत्र बुलाती। विधायकों को विधानसभा सत्र में दो से तीन मिनट दिए जाते हैं। वे अपने हलका की दस शिकायतें लेकर आते हैं तो महज दो ही उठा पाते हैं। जनता उनसे सवाल करती है। विधानसभा में विधायकों को बोलने का समय ही नहीं मिलता।
कांग्रेस विधायक की बात का समर्थन करते हुए जजपा विधायक रामकुमार गौतम ने कहा कि यह बात सही है कि विधानसभा का सत्र का समय काफी कम रहता है। यह कम से कम दस दिन का बुलाया जाना चाहिए। इन सवालों पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि इससे पहले दो बार विधानसभा सत्र बुलाए जाते थे। सरकार ने पहले की सरकार के मुकाबले ज्यादा सत्र बुलाए हैं।
पोर्टल के साथ-साथ बिलों की प्रति देने की मांग
चंडीगढ़। कांग्रेस विधायकों वरुण चौधरी, जगबीर मलिक सहित अन्य ने कहा कि जब सरकार सदन में कोई बिल प्रस्तुत करती है तो पोर्टल पर तुरंत ही वह बिल विधायकों को मिल पाता है। पोर्टल के साथ-साथ एक-एक प्रति भी विधायकों को दी जाए ताकि वे उसे पढ़कर सवाल कर सकें। जैसे ही बिल लाया जाए, उसी समय वे उसे पढ़कर कैसे कोई बात पूछ सकते हैं? इस पर अध्यक्ष ने कहा कि इस बात पर विचार किया जाएगा।
आज सदन में पीपीपी के नियम रखेगी सरकार
चंडीगढ़। विधानसभा सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस विधायकों द्वारा परिवार पहचान पत्र(पीपीपी) एक्ट के बनाए गए नियमों को सदन में न रखे जाने पर जमकर सवाल उठाए। कांग्रेस विधायक वरुण चौधरी ने कहा कि सरकार हर योजना में परिवार पहचान पत्र का प्रयोग कर रही है, लेकिन सदन में आज तक भी परिवार पहचान पत्र योजना के लिए बनाए गए नियमों की जानकारी नहीं दी है। इस पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि अभी सत्र का एक दिन बचा है। नियमों की जानकारी भी दे दी जाएगी।
जब डिप्टी सीएम ने अपनी ही पार्टी के विधायकों को रोका
चंडीगढ़। सोमवार को सदन में जब पिछड़ा वर्ग-ए व बी को निकाय चुनावों में आरक्षण को लेकर बात रखी जा रही थी तो आस-पास बैठे जजपा विधायक रामकुमार गौतम व ईश्वर सिंह भी अपनी बात रखने के लिए उठे। रामकुमार गौतम ने बीसीए को आरक्षण का पात्र बताया। वहीं, ईश्वर सिंह ने कहा कि हरियाणा विधानसभा में 90 में से 18 सीटें अनुसूचित जाति के लिए बनती हैं, आज तक 17 सीटें ही दी जा रही हैं। इस पर डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला खड़े हुए और कहा कि अध्यक्ष महोदय, जिस विषय पर चर्चा चल रही है, उसी के संबंध में बात की जाए। यह विषय नहीं है कि कितनी सीटें हैं और किन्हें आरक्षण दिया गया या नहीं।