हरियाणा में अब तूफानी हवाओं में खंभे नहीं गिरेंगे और न ही तार टूटेंगे। इसके लिए बिजली निगम कुछ खास व्यवस्था करने जा रहा है। प्रदेश में अब तक 75 हजार खंभे तूफानी हवाओं की वजह से ही गिर चुके हैं। सदन में विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री रणजीत सिंह ने बताया कि हरियाणा में तूफानी हवाओं के चलते बिजली के खंभों तथा लाइनों को क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए कई तरह के उपाय किए जा रहे हैं। ताकि इससे होने वाले आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।
उन्होंने बताया कि खंभों को झुकने से बचाने के लिए ब्रेसिंग तथा बेल्टिंग के प्रावधान के साथ लाइन के हर आठवें खंभे पर एच-पोल उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अलावा, प्रत्येक चौथे पोल पर विंड स्टे भी उपलब्ध करवाई जा रही है। लाइन की उचित दूरी बनाए रखने व इसे झुकाव से बचाने के लिए वी-शेप या हॉरिजोंटल क्रॉस आर्म्स के लिए ब्रेसिंग उपलब्ध करवाई जा रही है।
खंभे लगाते समय बैकफिल की उचित रेमिंग भी सुनिश्चित की जा रही है। मंत्री ने बताया कि सितंबर से नवंबर तथा अप्रैल से जून तक कम लोड अवधि में विशेष अभियान के तहत बिजली लाइनों के रास्तें में आने वाले वृक्षों की टहनियों को काटा जाता है। ताकि इनसे होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
उन्होंने बताया कि मौजूदा लाइन को मजबूत करने, लंबे स्पैन, झुके हुए खंभे, ढीले सैग, पेड़ों को छूने वाली लाइनों आदि की पहचान करने के लिए एक विस्तृत सर्वेक्षण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड द्वारा बिजली लाइनों का अर्द्धवार्षिक, प्री-मानसून तथा हॉटलाइन अनुरक्षण किया जा रहा है और ईआरपी मॉड्यूल पर इसकी मॉनिटरिंग भी की जा रही है।
उन्होंने बताया टॉवरों की वर्तमान डिजाइनिंग 170 किलोमीटर प्रति घंटे तक की निरंतर गति से चलने वाली हवाओं को सहन करने में सक्षम है। उनके अनुसार यह देखा गया है कि तेज हवाएं जब चक्रवात का रूप ले लेती हैं तो टॉवरों को घुमा या झुका देती हैं। निगम द्वारा इसके लिए ओडिसा और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों, जो हर वर्ष चक्रवतीय तूफानों का सामना करते हैं, के साथ संपर्क किया जा रहा है, ताकि हरियाणा में इन राज्यों की तर्ज पर प्रणाली लागू की जा सके।