उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में लड़ाई कन्फ्यूज और करप्शन व प्राइड और परफोरमेंस की चल रही है। पात्रा ने कन्फ्यूज और करप्शन को कांग्रेस व प्राइड और परफोरमेंस को भाजपा बताया। उन्होंने कहा कि आज जनता को तय करना है कि उन्हें ईमानदार छवि वाला मुख्यमंत्री चाहिए या भ्रष्टाचार और परिवारवाद को बढ़ावा देने वाले मुख्य षड़यंत्रकारी चाहिए।
उनके अनुसार आज हरियाणा में मनोहर सरकार में ऐसे कुछ उल्लेखनीय काम हुए हैं, जिनकी चर्चा न केवल देश के अन्य राज्यों में भी होती है, बल्कि कुछ राज्य तो ऐसे सफल कामों का अनुसरण करने की मंशा भी रखते हैं। इनमें बेटी-बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की सफलता और पारदर्शी ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी एक है।
अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में जुटी सरकार
एक सवाल के जवाब में संबित ने कहा कि वैश्विक मंदी ने भारत को भी स्पर्श करने की कोशिश की है। लेकिन भारत की वित्तमंत्री कुछ गड़बड़ाई अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही हैं। एक्सपोर्ट, रियल इस्टेट व ऑटो मोबाइल सेक्टर में जान फूंकने के लिए काम चल रहा है। साथ ही बैंक मर्जर के बाद 70 हजार करोड़ के पैकेज से भी भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिल रहा है। जल्द ही आर्थिक हालात सुधरेंगे।
हरियाणा में विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस मीडिया सेल की कमान संभाल रहे राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि प्रदेश में पांच साल तक थ्री डी सरकार चली। थ्री डी यानि डिस्ट्रैक्ट, डिस्ट्रॉइ और डिवाइड। खेड़ा के अनुसार भाजपा ने अपने कार्यकाल के दौरान जनता का ध्यान भंग करने, विनाश और समुदायों को बांटने पर ही जोर दिया।
यही कारण है कि कांग्रेस प्रदेश की सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह हरियाणा में आकर जनता के सामने अनुच्छेद 370 की ढफली बजा रहे हैं।
हम उन्हें यह बता देना चाहते हैं कि 370 को कांग्रेस सरकारों ने 12 बार संशोधित करके मजोर किया था पर बिना ढफली बजाए, बिना विवाद खड़ा किए, संवाद के रास्ते पर चलकर कश्मीर को मुख्यधारा में जोड़ा गया।
भाजपा चुनाव में ऐसे मुद्दों को उठा रही है, जिनका हरियाणा की जनता की रोजमर्रा जिंदगी से कोई लेना-देना नहीं है। चुनाव दो मुद्दों पर लड़ा जाता है, पिछले पांच साल का हिसाब-किताब एवं अगले पांच साल की प्रस्तावित नीति। कांग्रेस पार्टी ने पिछले दस दिन भाजपा सरकार की पिछले पांच साल की असलीयत वोटर के सामने रखी एवं अपनी अगले पांच साल की प्रस्तावित योजनाएं जनता से साझा की। जिससे भाजपा की राह मुश्किल हुई है।