कभी हुड्डा के खासमखास रहे पूर्व विधायक उनके विरोध में खड़े हो गए हैं। जिससे कांग्रेस की दिक्कतें बढ़ी हुई हैं। कांग्रेस से नाराज पूर्व मंत्रियों व पूर्व विधायकों को मनाने का प्रयास पूर्व सांसद दीपेंद्र हुड्डा भी कर रहे हैं, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा अपने स्तर पर बागियों को राजी करने में जुटी हैं पर कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा। बदले हालात में पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के लिए यह चुनाव किसी चुनौती से कम नहीं है। कई सीटों पर पार्टी उम्मीदवारों का चुनावी गणित बागियों की वजह से ही गड़बड़ा रहा है।
अब तक कांग्रेस छोड़ चुके नेता
| सीट |
पद एवं नाम |
| सिरसा |
पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर |
| महेंद्रगढ़ |
पूर्व विधायक राधेश्याम शर्मा |
| सोनीपत |
पूर्व विधायक अनिल ठक्कर |
| महेंद्रगढ़ |
कांग्रेस सेवा दल जिला अध्यक्ष सतीश शर्मा |
| फरीदाबाद |
पूर्व मंत्री एसी चौधरी |
| रतिया |
पूर्व मंत्री रामस्वरूप रामा |
| गुहला |
पूर्व विधायक फूल सिंह खेड़ी |
| सिरसा |
वरिष्ठ कांग्रेसी भूपेश मेहता |
| बादली |
पूर्व मंत्री धीरपाल के भतीजे अरविंद गुलिया, अभिषेक गुलिया |
| नारनौंद |
पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी राजबीर संधू |
| दादरी |
पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान |
| इंद्री |
पूर्व राज्य सभा सांसद ईश्वर सिंह |
| भिवानी |
नीलम अग्रवाल |
| फतेहाबाद |
पूर्व विधायक दूड़ा राम |
| सफीदों |
कांग्रेस नेता कर्मवीर सैनी |
| लाडवा |
पूर्व विधायक रमेश गुप्ता |
वंशवाद के कारण कांग्रेस का यह हाल : मनोहर लाल
सीएम मनोहर लाल कांग्रेस के वर्तमान हालात पर चुटकी लेने में पीछे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक परिवार की पार्टी है। वंशवाद के कारण ही आज कांग्रेस का यह हाल है। प्रदेश ही नहीं राष्ट्रीय इकाई में भी एक-दूसरे को ठिकाने लगाने का काम जोरों पर चल रहा है। कांग्रेस में नेता इक्ट्ठे होकर चल ही नहीं सकते।
नाराजगी भुला फील्ड में जुट जाएं कार्यकर्ता : सैलजा
प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे आपसी नाराजगी भुलाकर प्रत्याशियों को जिताने के लिए फील्ड में डट जाएं। पार्टी के सच्चे सिपाही बहकावे में आकर इधर-उधर जाने की कोशिश न करें। कांग्रेस कार्यकर्ताओं में सरकार लाने को लेकर जोश है, जिसे सही दिशा में लगाने की जरूरत है। इसलिए सभी पार्टीजन पूरे उत्साह के साथ अपने उम्मीदवारों की मदद करें।
पार्टी की स्थिति से हाईकमान चिंतित
हरियाणा में विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी में चल रही उठापटक से कांग्रेस हाईकमान भी चिंतित है। पार्टी नेतृत्व को यह जरा भी आभास नहीं था कि टिकट वितरण के बाद स्थिति ऐसी हो जाएगी। पार्टी की ओर से बागियों को मनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन आजाद चुनाव लड़ने या दूसरे दलों में जा चुके पूर्व मंत्री व पूर्व विधायक बात सुनने को तैयार नहीं है। इसका चुनाव में बड़ा नुकसान होने की आशंका है।
नहीं बन पा रहा चुनावी माहौल
पार्टी में बढ़ते असंतोष से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटा हुआ हैं। कांग्रेस संगठन में बदलाव और हुड्डा को चुनाव प्रबंधन समिति की कमान सौंपे जाने से जो माहौल बना था, वह गुटबाजी के चरम पर पहुंचने के कारण लगभग खत्म हो चुका है। फील्ड में कांग्रेस का चुनाव अभियान उठ नहीं पा रहा है। चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के समर्थक ही प्रचार-प्रसार में जुटे हैं, आम कार्यकर्ता अभी पसोपेश की स्थिति में है। अब पार्टी को स्टार प्रचारकों के फील्ड में उतरने के बाद माहौल कांग्रेस के पक्ष में बनने की पूरी उम्मीद है।