विधानसभा चुनाव में भाजपा का टिकट कटने को लेकर दावेदार अब तक झटके से उभर नहीं पाए हैं। महम हलके से टिकट न मिलने के बाद भाजपा नेता बलराज कुंडू गुरुवार को महम में चौबीसी के चबूतरे पर पहुंचे और समर्थकों को संबोधित किया। कुंडू ने हाथ में लिए अंगोच्छे से आंसू पोंछते हुए कहा, पिछले छह वर्षों से हलके के लोगों के हको की लड़ाई लड़ी है।
आज मेरे साथ षड्यंत्र रचा गया है। मेरे साथ हलके की बेटियों और महिलाओं की आंखों में भी आंसू हैं। इन आंसुओं का हिसाब हलके की जनता चुनाव में लेगी। उन्होंने कहा कि अब लड़ाई दबंगों और समाजसेवक के बीच है। इसके बाद महम चौबीसी चबूतरे पर जोत लगाकर कुंडू ने चुनाव कार्यालय जाकर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया।
सीएम मनोहर लाल से पूछना चाहती हूं, कुछ समय पहले पार्टी में आने वाले को क्यों दिया टिकट
वहीं, गढ़ी सांपला से टिकट मांगने वाले भाजपा की किसान सेल की कार्यकारिणी की सदस्य मीनाक्षी नांदल पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ टिकट न मिलने से आहत हो गईं। मैना रेस्ट हाउस में मीडिया के सामने इमोशनल होते हुए मीनाक्षी ने कहा कि वह 12 साल से पार्टी का झोला उठा रही है।
जहां ड्यूटी लगी, वहीं सक्रिय भूमिका अदा की। अब सीएम मनोहर लाल से पूछना चाहती हूं कि अगर बोहर की नांदल खाप में ही टिकट देना था तो उसे क्यों नहीं दिया। कुछ समय पहले टिकट लेने वाले सतीश नांदल इनेलो छोड़कर भाजपा में आए थे। वे पार्टी के नेताओं को लिखित में अपना विरोध जताएंगी।
फतेहाबादः भाजपा छोड़ जजपा में शामिल हुए सिवाच, रात को मिला टिकट
हाल ही में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए दुड़ाराम को बीजेपी द्वारा टिकट देते ही पार्टी में बगावत के सुर उठने शुरू हो गए हैं। गुरुवार को वरिष्ठ नेता डॉ. वीरेंद्र सिवाच ने बीजेपी छोड़ने और जननायक जनता पार्टी में शामिल होने का एलान भी किया। डॉ. सिवाच गुरुवार को ही सिरसा में जाकर चौटाला हाउस में नैना चौटाला से मिले। जिसके बाद नैना चौटाला ने उन्हें विधिवत जजपा में शामिल कर लिया। देर रात पार्टी ने छठी सूची जारी कर फतेहाबाद से वीरेंद्र सिवाच को पार्टी का उम्मीदवार बनाया है।