हरियाणा में दल बदलने पर भी नामी चेहरों का सियासी भाग्य बदल नहीं पाया। चुनाव से पहले अपना दल छोड़कर दूसरे दलों में शामिल हुए नेताओं को हार का सामना करना पड़ा है। 14 नामी चेहरों को भाजपा, कांग्रेस और जजपा में टिकट पाने पर भी जीत नसीब नहीं हुई। एक दर्जन चेहरे ही दूसरे दलों में जाकर चुनाव जीतने में सफल हुए हैं।
इनमें रणबीर गंगवा भाजपा टिकट पर नलवा, प्रदीप चौधरी कांग्रेस टिकट पर कालका, ईश्वर सिंह जजपा टिकट पर गूहला और देवेंद्र बबली जजपा टिकट पर टोहाना से जीते हैं। सबसे बड़ा उलटफेर देवेंद्र बबली ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला को हराकर किया। बबली टोहाना में मजबूत स्थिति में थे, कांग्रेस टिकट न मिलने पर उन्होंने जजपा के बैनर तले चुनाव लड़ा था।
बबली की गिनती कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर के खास समर्थकों में होती है। पूर्व राज्य सांसद ईश्वर सिंह कांग्रेस से टिकट मांग रहे थे, लेकिन नहीं मिली। गूहला से उन्होंने भाजपा प्रत्याशी रवि तारनवाली को हराया है। प्रदीप इनेलो में थे, उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा और टिकट भी पाई। कालका से चुनाव लड़े और भाजपा विधायक लतिका शर्मा को हराने में सफल रहे।
रणवीर गंगवा इनेलो विधायक थे, उन्होंने पार्टी छोड़ी और भाजपा में शामिल होकर टिकट पाई। उन्होंने कांग्रेस के रणधीर पनिहार को हराकर जीतने में सफलता हासिल की है।