जिला निर्वाचन अधिकारी यशेन्द्र सिंह ने बताया कि पीठासीन अधिकारी प्रेम कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। पीठासीन अधिकारी मुख्य अध्यापक है। रिटर्निंग अधिकारी कुशल कटारिया की शिकायत पर तीनों के खिलाफ धारा 129, 134 व जन प्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 166/171-एफ व 419 के तहत केस दर्ज किया गया है।
छव्वा गांव में बूथ नंबर-18 पर आज दोबारा मतदान
कोसली विधानसभा के गांव छव्वा में बूथ नंबर- 18 पर बुधवार को दोबारा मतदान होगा। इसी बूथ पर पीठासीन अधिकारी सहित तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। बूथ पर बुधवार को सुबह सात बजे से शाम 6 बजे तक दोबारा मतदान कराया जाएगा। इस बूथ पर 892 वोट हैं। गांव छव्वा भाजपा के कोसली प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह यादव का गांव है।
देर रात स्ट्रांग रूम में शराब पीकर हंगामा कर रहे एसडीओ सहित तीन कर्मियों को भेजा जेल
रेवाड़ी के सेक्टर-18 स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में बनाए गए स्ट्रांग रूम में मतदान के बाद ईवीएम जमा कराने पहुंचे बावल विधानसभा क्षेत्र की कुछ पोलिंग पार्टियों के कर्मचारियों ने सोमवार रात को करीब 12 बजे हंगामा कर दिया। तीन पोलिंग ऑफिसर एसडीओ, जेई व एक अध्यापक ने शराब के नशे में सरकारी काम में बाधा पहुंचाई।
हंगामा होते देख रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) एसडीएम रविन्द्र कुमार ने पुलिस को अलर्ट कर दिया। मामले की सूचना मिलने पर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी यशेन्द्र सिंह एवं एसपी नाजनीन भसीन भी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। इस दौरान करीब एक दर्जन कर्मचारियों को मौके से हिरासत में ले लिया गया।
माडल टाउन थाना पुलिस ने तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्हें मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी यशेन्द्र सिंह ने तीनों को सस्पेंड कर दिया।
कर्मचारियों ने नारेबाजी करने से बढ़ा विवाद
पुलिस के अनुसार सोमवार शाम को मतदान प्रक्रिया खत्म होने के बाद रेवाड़ी विधानसभा के 250 बूथों की पोलिंग पार्टियां व बावल विधानसभा क्षेत्र के 257 बूथों की पोलिंग पार्टियां ईवीएम जमा कराने के लिए सेक्टर-18 स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में बनाए गए दोनों विधानसभा क्षेत्र के स्ट्रांग रूम में पहुंची थीं। रेवाड़ी विधानसभा की पोलिंग पार्टियों ने रात करीब 11 बजे तक लगभग सभी ईवीएम जमा करा दी थी।
इसी दौरान बावल विधानसभा क्षेत्र-72 की पोलिंग पार्टियों में शामिल कुछ लोगों ने देर होने का कारण बताकर वहां नारेबाजी शुरू कर दी थी। रात 12 बजे मामला बढ़ता देख आरओ रविन्द्र कुमार ने पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए। बताया जा रहा है कि कुछ कर्मचारी एसडीएम पर जबरन कार्य मुक्त करने का दबाव डाल रहे थे।
इसके बाद डीसी व एसपी को मामले की सूचना दी गई। कुछ देर बाद ही पुलिस फोर्स के साथ उच्च अधिकारी स्ट्रांग रूम पहुंच गए। मौके से एसडीओ सुरेन्द्र सिंह, जेई प्रीतम व अध्यापक जगदीश सहित एक दर्जन कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया। बाद में 9 कर्मचारियों को तो पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
-शराब पीकर हंगामा करने के आरोप
अधिकारियों के अनुसार सुरेन्द्र, जगदीश व प्रीतम ने शराब पी हुई थी। शराब के नशे में ही तीनों ने बेवजह हंगामा करते हुए सरकारी काम में बाधा डाली। ऐसे में आरओ की शिकायत पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
-आईजीयू में एसडीओ है आरोपी
डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी यशेन्द्र सिंह ने तीनों कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। बावल विधानसभा-72 के आरओ रविन्द्र कुमार ने मॉडल टाउन थाना पुलिस को दर्ज कराई शिकायत में बताया कि एसडीओ सुरेन्द्र समालखा के गांव पावटी का रहने वाला है। वह इंदिरागांधी विश्वविद्यालय मीरपुर(आईजीयू)में कार्यरत है। जबकि प्रीतम कुमार सिंचाई विभाग रेवाड़ी में बतौर जेई कार्यरत है।
इसके अलावा दादरी निवासी जगदीश कटारिया गांव खिजूरी स्कूल में बतौर अध्यापक कार्यरत है। तीनों की ड्यूटी बावल विधानसभा के ही बूथों पर लगी हुई थी। आरोप है कि तीनों शराब के नशे में ईवीएम जमा कराने पहुंचे और फिर कार्य मुक्त करने के लिए आरओ पर दवाब बना रहे थे।
शराब पीकर कर रहे थे हंगामा: डीसी
जिला निर्वाचन अधिकारी व डीसी यशेंद्र सिंह ने बताया कि तीनों आरोपी शराब पीकर हंगामा कर रहे थे। इसके चलते ही तीनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष कराने के लिए किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।