हरियाणा गठन के बाद पहले तीन चुनाव में कांग्रेस ने लगातार अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई थी, लेकिन चौथी बार पार्टी को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। 1967, 1968 व 1972 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रदेश में सरकार बनाने में कामयाब रही। सरकार बनाने की हैट्रिक लगाने के बाद चौथे चुनाव में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था। कारण, आपातकाल रहा।
देश के साथ प्रदेश के लोगों में भी इंदिरा गांधी सरकार द्वारा लगाए गए आपातकाल को लेकर कांग्रेस के प्रति गुस्सा था। 1977 के चुनाव में कांग्रेस को इस गुस्से का शिकार होना पड़ा। इस चुनाव में कांग्रेस ने 83 सीटों पर चुनाव लड़ा और मात्र तीन पर ही जीत मिली। 38 उम्मीदवारों की जमानत तक जब्त हो गई। जनता पार्टी ने 90 सीटों पर चुनाव लड़कर 75 सीटें जीती और सत्ता पर काबिज हुई।