प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस में रैली ऑफ हिमालयाज में चंडीगढ़ के हरविंदर भोला एवं नेगी नेविग?
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चंडीगढ़। समुद्रतल से 17 हजार फीट ऊंचे शिंकुला दर्रे पर ठंड और विपरीत परिस्थितियों के बीच गाड़ी चलाना बेहद कठिन था। कुछ ऐसा एरिया भी था जहां पर सांस लेना भी दूभर हो रहा था। ऐसे मुश्किल भरे रास्तों से गुजरते हुए आखिरी में जब ट्रॉफी जीती तो लगा हमारी मेहनत सफल रही। यह बात वीरवार को सेक्टर-27 स्थित प्रेस क्लब में शहर के मोटर स्पोर्ट्स के खिलाड़ी हरविंदर भोला और उनके को ड्राइवर चिराग ठाकुर ने कही। उन्होंने रैली ऑफ हिमालयाज में ओवरऑल तीसरा स्थान हासिल किया।
उन्होंने बताया कि रैली का आयोजन मनाली में 27 अगस्त को हुआ था और कुल 650 किलोमीटर का सफर तय करते हुए 30 अगस्त को खत्म हुई। इसमें देशभर से 26 फोर व्हीलर ड्राइवर्स और 60 बाइर्क्स ने हिस्सा ने लिया था। रैली के पहले चरण में मनाली के रास्ते रोहतांग दर्रा होती हुए ग्रांफू पहुंची। दूसरे चरण में रैली अटल टनल होते हुए बातल और फिर जिंस्पा पहुंची। तीसरे चरण में जिंस्पा से शुरू होकर शिंकुला दर्रा से होते हुए लद्दाख की जांस्कर घाटी के मोमोरंजन में जाकर रैली खत्म हुई।
17 हजार फुट की ऊंचाई पर गाड़ी चलाना चैलेंज भरा
हरविंदर ने बताया कि शिंकुला दर्रे के पास लगभग 17 हजार फुट की ऊंचाई पर गाड़ी चलाना अपनेआप में चैलेंज से भरा रहा। जहां हमारी गाड़ी 100 की स्पीड पर चलनी चाहिए थी वहां गाड़ी बमुश्किल 40- 50 की स्पीड पर चल रही थी। वहीं, कुरिंगपा एरिया में एक मोड़ ऐसा था, जिसके बहुत बड़ी खाई थी। इस मोड़ से गाड़ियों के टायर फिसलते हुए चल रहे थे। यह मोड़ काफी खतरनाक था। एक समय तो गाड़ी का संस्पेशन भी खराब हो गया। इसकी मरम्मत में काफी समय लगा। इसके बावजूद हमने दोबारा से लय हासिल कर ली।
हरविंदर बोले- दो लाख के करीब आया खर्च
हरविंदर के साथ को ड्राइवर चिराग ने बताया हर रैली के बाद और उससे पहले गाड़ी तैयार करने में डेढ़ से दो लाख के करीब खर्चा आता है। वहीं उन्होंने बताया शहर में मोटर स्पोर्ट्स के कई बेहतरीन खिलाड़ी हैं जिन्होंने देश और विदेशों में होने वाली रैली में हिस्सा लेते हुए बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बावजूद शहर में मोटर स्पोर्ट्स का एक भी ट्रैक नहीं हैं। इसके लिए प्रशासन से कई बार मोटर स्पोर्ट्स से जुड़े लोग गुहार लगा चुके हैं, लेकिन नतीजा आज तक नहीं निकला। अगर ट्रैक बनवा दिया जाए तो भविष्य के युवा इस खेल में और आगे निकल सकेंगे।