हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर कहते हैं कि हैपिंनग हरियाणा समिट उम्मीद से ज्यादा सफल रहा और इसमें 357 एमओयू साइन किए गए, जिनके क्रियान्वित होने से प्रदेश में 5 लाख 84 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा और पांच लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री बुधवार को हैपनिंग हरियाणा समिट में हासिल उपलिब्धयों की जानकारी देने के लिए बुलाए गए पत्रकार सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले ऐसे समिट की अपार सफलता को देखते हुए ऐसा दूसरा समिट-2018 में आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि एमओयू को क्रियान्वित करने के लिए एचएसआईआईडीसी ने रिलेशनशिप मैनेजर नियुक्त किए हैं। निवेश में कोई बाधा न आए, इसके लिए फॉस्ट ट्रैक क्लीयरेंस की व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि एमओयू के तहत परियोजनाओं को चालू करने के लिए मौजूदा विकसित भूमि बैंक में से भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी। इस समिट में देश-विदेश के निवेशकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी इस बात का गवाह है कि बीते 16 महीनों की कार्यशैली, हमारी उपलब्धियों और नीतियों में इनका अटूट विश्वास है।
आंदोलन प्रभावित जिलों में होगा 1.49 लाख करोड़ निवेश
राज्य के आरक्षण आंदोलन में बुरी तरह प्रभावित हुए जिलों के लिए कितना निवेश आया है, इस सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि तीन प्रभावित जिलों सोनीपत, झज्जर और रोहतक में 1.46 लाख करोड़ रुपये निवेश की 19 परियोजनाएं स्थापित करने के लिए 37 एमओयू किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि देश और दुनिया के उद्यमियों ने इतनी बड़ी मात्रा में निवेश के एमओयू साइन करके हरियाणा के बिजनेस फ्रेंडली माहौल में अपना विश्वास व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे प्रदेश का समान विकास सुनिश्चित करेगी क्योंकि एमओयू सभी जिलों के लिए किए गए हैं। उन्होंने बताया कि 1,28,000 करोड़ के निवेश के लिए 39 एमओयू ऐसे जिलों के लिए हुए हैं, जो एनसीआर क्षेत्र से बाहर हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्लोबल समिट के दौरान किए गए 357 एमओयू में से एयरोस्पेस एवं प्रतिरक्षा में दो, शिक्षा एवं कौशल विकास में 10, विनिर्माण में 117, रियल एस्टेट में 22, आधारभूत सरंचना में 16, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण एवं सम्बद्ध उद्योगों में 48, ऊर्जा या अक्षय ऊर्जा एवं सोलर पार्क में 39, इलेक्ट्रॉनिक, आईटी एवं आईटी सक्षम सेवाएं में 35, फॉर्मास्युटिकल एवं केमिकल इंडस्ट्री में 8, ऑटो व ऑटो पार्ट्स और लाइट इंजीनियरिंग में 13
कपड़ा/परिधान/ बुनाई/कढ़ाई/टेक्निकल टेक्सटाइल में 15, फुटवियर व असेसरीज में 9 और अन्य क्षेत्रों में 23 समझौते किए गए। कुल एमओयू में से 10 प्रतिशत एमओयू बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ हुए हैं। 16 प्रतिशत एमओयू 1000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं के हैं और 30 प्रतिशत एमओयू 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं के हैं।
इसके अतिरिक्त 26 प्रतिशत एमओयू एमएसएमई क्षेत्र के लिए हुए हैं। समझौता होने की खुशी जताते हुए कहा कि इस कदम से प्रदेश की जनता को हाउसिंग परियोजनाओं के तहत कई आकर्षक विकल्प उपलब्ध होंगे।