चंडीगढ़। सेक्टर-10 स्थित कोठी नंबर 575 में हैंड ग्रेनेड फेंकने के मामले में प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार चारों आरोपियों का पांच दिन का रिमांड खत्म हो गया है। पुलिस ने चारों आरोपियों अमरजीत, अक्षदीप, रोहन व विशाल मसीह को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पूछताछ में मुख्य आरोपी रोहन मसीह और विशाल मसीह ने बताया कि कुलदीप के ऑटो का इस्तेमाल 9 सितंबर को कोठी नंबर 575 की रेकी के लिए किया था। जो हैंड ग्रेनेड कोठी में फेंका था, वह काफी कम तीव्रता का था। वह पहले से क्षतिग्रस्त था। उन्होंने हैंड ग्रेनेड के क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक करने के लिए टेप लगा रखा था। उन्होंने बताया कि हैंड ग्रेनेड उन्हें पंजाब के जिला गुरदासपुर के बटाला में एक अज्ञात स्थान पर सौंपा गया था। रोहन को बटाला में एक अज्ञात स्थान से ग्रेनेड युक्त पैकेज लेने का निर्देश मिला था, लेकिन 5 सितंबर को गोला-बारूद की डिलीवरी में शामिल व्यक्ति या सटीक स्थान के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी गई थी। उसी दिन चंडीगढ़ में विस्फोट की जगह के बारे में भी बताया गया था। उन्हें आतंकी हैप्पी पसीहा ने विस्फोट के बदले 5 लाख रुपये देने का वादा किया था, लेकिन ऑनलाइन केवल 36000 रुपये दिए गए।
इसके बाद 11 सितंबर की शाम को रोहन मसीह ने विशाल के साथ मिलकर पंजाब पुलिस के पूर्व एसपी जसकीरत सिंह चहल को निशाना बनाकर सेक्टर-10 स्थित कोठी पर ग्रेनेड फेंका। जसकीरत सिंह चहल कुछ साल पहले तक इसी कोठी में किराए पर रहते थे, लेकिन विस्फोट से कुछ महीने पहले ही वे इस घर से शिफ्ट हो गए थे। इस घटना को अंजाम देने के बाद दोनों ऑटो में फरार हो गए थे। हमले के कुछ घंटे बाद ही यूएसए बेस्ट आतंकी हैप्पी पसीहा ने सोशल मीडिया पर विस्फोट की जिम्मेदारी ली थी। इन दोनों आरोपियों रोहन और विशाल को पंजाब पुलिस ने अमृतसर और दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया था।