मंगलवार की रात 2.30 बजे से बार-बार उड़ने वाले लड़ाकू विमानों की आवाज से आस-पास के लोगों की नींद टूट गई और सब दहशत में आ गए। यह सिलसिला सुबह लगभग 4 बजे तक जारी रहा। आखिरकार सुबह 9 बजे तक आस-पास के लोगों को पता चला कि वायुसेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी शिविरों को तबाह कर दिया है। हालांकि पुलवामा हमले के बाद ही एयरफोर्स को सरकार ने हाई अलर्ट कर दिया था। मंगलवार को यहां के सुरक्षा चक्र को बढ़ाते हुए सेना की तैनाती शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि 16 मार्च 1950 को एयरफोर्स स्टेशन बनाया गया था। करीब तीन दशक तक यहां मिग 23 लड़ाकू विमान तैनात थे। वर्ष 2012 में यहां पर सुखोई विमानों को तैनात किया गया। चाहे 1965, 1971 या फिर कारगिल युद्ध हो, हर बार एयरफोर्स स्टेशन ने अहम भूमिका अदा किया है। गांव एतिआणा निवासी सेवानिवृत सैनिक बलौर सिंह, हरमेल सिंह ने कहा कि वायुसेना ने गजब का काम कर दिखाया है, जो कि पाकिस्तान के लिए एक सबक है।
पुलवामा हमले का यह सही बदला है। 1965 की भारत पाक जंग के समय हलवारा स्टेशन पर 5 पाकिस्तानी जहाज हमला करने पहुंचे थे। भारतीय सेना ने इनमें से कुछ विमानों को मार गिराया था, जबकि अन्य जवाबी कार्रवाई के कारण लौट गए थे। इस दौरान पाक विमानों ने कई बम गिराए थे, लेकिन वह आस-पास के खेतों में जाकर गिरे।