चंडीगढ़ सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम के खिलाफ पंजाब में बेअदबी मामलों में सुनवाई शुरू हो गई है। केस की पहली सुनवाई वीरवार को हुई है। छह महीने से अधिक समय के बाद बेअदबी के मामलों में गुरमीत राम रहीम और अन्य के खिलाफ चंडीगढ़ कोर्ट में पहली बार सुनवाई हुई। इससे पहले पंजाब की फरीदकोट कोर्ट में मामले चल रहे थे। वीरवार को रोहतक की सुनारिया जेल में बंद राम रहीम की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट में पेशी हुई।
एसजीपीसी की तरफ से एडवोकेट राजेश कुमार राय ने बताया कि आरोपी पक्ष की तरफ मामले से जुड़े पुलिस चालान के कुछ डॉक्यूमेंट जो पेंडिंग हैं उनकी मांग की गई है। आरोपी पक्ष ने जांच टीमों से कुछ दस्तावेज मांगे हैं, जिसके लिए कोर्ट में आवेदन किया गया। कोर्ट ने इस आवेदन को मंजूर करते हुए दस्तावेज उपलब्ध करवाने के आदेश दिए हैं। इस मामले में अब अगली सुनवाई 19 दिसंबर को होगी जिसमें आरोपियों पर आरोप तय किए जाएंगे।
पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती
इससे पहले पंजाब सरकार ने मार्च में हाई कोर्ट की रोक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2023 में तीन बेअदबी से जुड़े मामलों की सुनवाई को पंजाब के फरीदकोट कोर्ट से चंडीगढ़ ट्रांसफर कर दिया था। यह फैसला सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए लिया गया था कि आरोपियों में से एक को कोटकपूरा में उसकी दुकान के भीतर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इन मामलों की चंडीगढ़ जिला अदालत में होगी सुनवाई
1 जून 2015 को गुरु ग्रंथ साहिब की ‘बीर’ की चोरी से जुड़े हुए हैं। इसके बाद 25 सितंबर 2015 को बरगारी और बुर्ज जवाहर सिंह वाला में आपत्तिजनक पोस्टर लगाए गए थे और 12 अक्टूबर 2015 को बरगारी के पास एक गुरुद्वारे से चोरी की गई ‘बीर’ के फटे हुए पन्ने बरामद हुए थे। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) द्वारा गुरमीत राम रहीम को इस पवित्र ग्रंथों के अपमान के मामलों का मुख्य षड्यंत्रकारी घोषित किया गया था। पंजाब सरकार ने उसे इस मामले में अभियोजन के लिए मंजूरी भी दी थी।