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पंचकूला में कर्फ्यू हटा, DSP पर गिरी पहली गाज, डीजीपी बोले- नियंत्रण में हालात

Sat, 26 Aug 2017 10:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला(हरियाणा)
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पंचकूला में कर्फ्यू हटा
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गुरमीत राम रहीम पर फैसले के बाद हिंसा को देखते हुए पंचकूला में लगाया गया कर्फ्यू हटा लिया गया है, वहीं मामले में पहली गाज डीएसपी पर गिरी है। शुक्रवार शाम चार बजे से पंचकूला में लागू कर्फ्यू रात 11 बजे के बाद हटा लिया गया। आम जनों की परेशानियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
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इस संबंध में डीसीपी दफ्तर की ओर से ज्ञारी प्रेस विज्ञप्ति में इसकी पुष्टि की गई है। पंचकूला डीएसपी अशोक कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। डेरामुखी मामले में बढ़े बवाल के कारण बने धारा 144 लगाने में कोताही बरतने वाले डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) आईपीएस अशोक कुमार को सस्पेंड कर दिया।

यह फरमान हरियाणा सरकार ने देर रात जारी किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री खट्टर सरकार ने डीसीपी आईपीएस अशोक कुमार को सस्पेंड किया। उसकी सबसे बड़ी सामने आई कि अशोक कुमार ने धारा 144 लगाने में कोताही बरती थी।
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इसके अलावा डेखीमुखी को दोषी करार होने के बाद शहर में सबसे ज्यादा वायलेंस होने वाले सभी एरिया आईपीएस अशोक कुमार के ज्यूडिडिक्शन में था। पुष्टि गृह सचिव हरियाणा ने की है।

15 साल से लुकाछिपी का खेल इस तरह खत्म हुआ

राम रहीम - फोटो : SELF
साध्वी यौन शोषण मामले में 15 साल से लुकाछिपी का खेल-खेल रहे सिरसा स्थित डेरा के प्रमुख गुरमीत राम-रहीम को आखिरकार सलाखों के पीछे जाना पड़ा। पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट में शुक्रवार को डेरा प्रमुख को दोषी करार दिया गया। अब 28 अगस्त को सजा सुनाई जाएगी।

इस दौरान डेरामुखी को कोर्ट में पेश नहीं किया जाएगा, वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई होगी। कानून व्यवस्था को देखते हुए डेरामुखी को सेना के हेलीकॉप्टर से रोहतक की सुनारिया जेल भेजा दिया गया। कोर्ट को फैसला आते ही पंजाब, हरियाणा,  दिल्ली, यूपी और राजस्थान में समर्थक हिंसा और आगजनी पर उतर आए।

पंचकूला में बेकाबू भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी जिसमें 31 लोगों की मौत हो गई और 250 लोग जख्मी हो गए। इनमें 60 पुलिस वाले हैं। इसके अलावा सिरसा में भी चार लोगों के मरने की खबर है।
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हरियाणा सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में फेल रही

Ram Rahim Verdict
इस पूरे प्रकरण में हरियाणा सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह से फेल रही। डेरा प्रेमियों ने सुरक्षा तंत्र को ठेंगा दिखाते हुए भारी आगजनी की और सैकड़ों वाहन फूंक दिए। सरकार के खुफिया तंत्र और सुरक्षा एजेंसियों की नाकामी खुल कर सामने आ गई।

बाबा के खिलाफ आए फैसले से भड़के समर्थक गुंडागर्दी पर उतर आए और पंचकूला से दिल्ली तक हिंसा का तांडव शुरू कर दिया। कोर्ट के फैसले के बाद सरकार ने बैठकें शुरू कर दी, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला।

वही इस दौरान उग्र भीड़ ने पंचकूला में सरकारी इमारतें और 100 से ज्यादा वाहन पुलिस के सामने ही आग के हवाले कर दिए गए। देखते ही देखते आग की यह लपटें हरियाणा के अन्य जिलों और पंजाब में फैल गईं। हरियाणा में 2500 डेरा समर्थकों को हिरासत में लिया गया।
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