दिसंबर में कोहरा पड़ गया तो किसान आलू, प्याज और लहसुन नहीं बो पाएंगे। सांसद ने लिखा कि पंजाब में एक हजार से ज्यादा कैटल और पोल्ट्री फीड फैक्टिरयां हैं। बाजरा, मक्का दाना, सोयाबीन और बिनौला सड़क के रास्ते आने के कारण महंगा बिक रहा है। धान के उठान के लिए बारदाना नहीं मिल रहा जिसका असर धान की खरीद पर भी पड़ा है।
किसान आंदोलन को हवा न दे पंजाब सरकार
सनी ने लिखा कि किसान आंदोलन से पंजाब सरकार की जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) से होने वाली आय पर असर पड़ा है। खरीद-फरोख्त तथा कम बिक्री से पंजाब सरकार को जीएसटी भी कम मिलेगा। उन्होंने लिखा कि पंजाब में किसान आंदोलन को हवा देने वाली कांग्रेस सरकार यह समझ ले कि नुकसान सबका हो रहा है। सनी ने लिखा कि दिवाली, गुरुपर्व पर अपने घरों में आने वाले सैनिक भी ट्रेनें बंद होने से नहीं आ पा रहे। कई प्रवासी अपने घर नहीं जा पाए।
रंधावा का सनी पर पलटवार, किसानों के हक में उठाएं ढाई किलो का हाथ
कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सांसद सनी देओल के किसान आंदोलन पर की गईं टिप्पणियों पर सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सांसद सनी देओल ‘रील’ (फिल्मी) जिंदगी से निकल कर ‘रियल’ (असली) जिंदगी में आएं और अपना ‘ढाई किलो का हाथ’ किसानों के हक में कब उठाएंगे।
रंधावा ने कहा कि खुद को धरती का पुत्र कहलाने वाले सांसद सनी देओल किसानों के हक में बोलने के बजाय सीधे रूप में किसानों की दुश्मन बनी केंद्र सरकार की बोली बोल रहे हैं। किसानों के इस संघर्ष के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराकर सिद्ध कर दिया है कि वह लिखे-लिखाए डायलॉग बोलने में ही माहिर हैं। चाहिए तो ये था कि चुनाव के दौरान खुद को किसान पुत्र होने का दावा करने वाले सनी देओल पंजाब के किसानों की आवाज बनते और केंद्र द्वारा बार-बार अपमानित किए जा रहे किसानों के हक में खड़ा होते। सनी देओल कौन से मुंह से किसानों को सलाह दे रहे हैं जबकि जरूरत के समय पर वह गुरदासपुर छोड़कर मुंबई चले गए थे।