गुरचरण सिंह चन्नी को पार्टी में शामिल करते सुखबीर सिंह बादल।
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शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल रूठे नेताओं को मनाकर अपना कुनबा बढ़ाने में लगे हैं। शुक्रवार को सुखबीर बादल ने अकाली दल के नेता गुरचरण सिंह चन्नी को पार्टी में वापस शामिल कराया। चन्नी लंबे समय तक अकाली दल के जिला प्रधान के अलावा योजना बोर्ड के चेयरमैन रह चुके हैं। चन्नी अकाली दल को अलविदा कहकर शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) में सुखदेव सिंह ढींडसा के साथ चले गए थे।
सुखबीर बादल ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री, सांसद रिंकू और राज्यसभा सदस्यों को पंजाब की चिंता नहीं बल्कि चिंता यह है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कैसे बचाना है। पंजाब बाढ़ में डूब रहा है, इसकी आम आदमी पार्टी की सरकार को कोई चिंता नहीं है। अभी तक न तो नुकसान की गिरदावरी हो पाई है और न ही मुआवजा मिला है। महज छह हजार प्रति एकड़ मुआवजा दिया जा रहा है। साफ है कि पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार धोखेबाज है। इनकी कथनी और करनी में भारी अंतर है।
सुखबीर बादल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड में पहले पंजाब का एक सदस्य होता था लेकिन केंद्र सरकार ने उसे भी पंजाब से छीन लिया है। पहले सदस्य के माध्यम से बांध के बारे में सारी जानकारी मिल जाती थी लेकिन अब जानकारी उस वक्त मिलती है जब मुसीबत पूरी तरह से सिर पर खड़ी होती है। जब बांध में पानी भर जाता है और गेट खोलने होते हैं। इस दौरान पूर्व मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा भी मौजूद रहे।