कोई भी पैट शॉप ऑनर जानवरों और पक्षियों को कमॉडिटी की तरह बेच नहीं सकता। इन्हें दुकान के बाहर पिंजरों में रखने और प्रदर्शित करने पर प्रतिबंध है। प्रशासन ने पालतू जानवरों और पक्षियों की बिक्री के लिए गाइडलाइंस बनाई है।
यह दो साल पहले बनाई गई थी। एनिमल हस्बेंडरी डिपार्टमेंट के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. लवलेशकांत गुप्ता का कहना है कि इन गाइडलाइंस का अभी भी पालन नहीं हो रहा है। इसलिए लोगों में जागरूकता बेहद जरूरी है।
ये भी हैं गाइडलाइंस
- कोई भी पैट शॉप मालिक जानवरों या पक्षियों को फूड आइटम की तरह प्रदर्शित नहीं कर सकता
- शॉप मीट की दुकान के आसपास नहीं होनी चाहिए।
- शॉप में रखे गए पक्षियों की प्रजाति, उनकी नस्ल और आयु के बारे में पूरी जानकारी प्रदर्शित होनी चाहिए।
- किसी भी पक्षी या पालतू जानवर को प्रतियोगिता या किसी खेल में इनाम के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकता।
- बेचने वाले सभी पालतू जानवरों का टीकाकरण होना चाहिए।
- पैट शॉप मालिक और उनके कर्मचारियों को जानवरों या पक्षियों की फीडिंग, वाटरिंग, मैनेजमेंट, हैंडलिंग, इमरजेंसी केयर, वैक्सीनेशन आदि की पूरी जानकारी होनी चाहिए।
- किसी भी पालतू जानवर या पक्षी को दुकान में रात के वक्त बिना अटेंडेंट के छोड़ा नहीं जा सकता।