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गुड़िया मर्डर केसः पांच आरोपियों ने जमानत के लिए डाली याचिका, आईजी जैदी को नहीं मिली राहत

Sat, 02 May 2020 03:34 PM IST
खुशबू गोयल मोनिका नागर, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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शिमला के बहुचर्चित गुड़िया रेप व मर्डर केस के पांच आरोपियों ने चंडीगढ़ सीबीआई कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दायर की है। कोटखाई पुलिस स्टेशन के पूर्व एसएचओ राजेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल, सूरत सिंह मोहनलाल, रफी मोहम्मद व कांस्टेबल रंजीत ने याचिका डाली है। तीनों नेकोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बताते हुए जमानत मांगी है।
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दरअसल आईजी जहूर जैदी समेत सभी आरोपियों ने मार्च महीने में जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन यह याचिका एक महीना देरी से अदालत में पहुंची। जहूर जैदी ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट और चंडीगढ़ सीबीआई कोर्ट दोनों में जमानत याचिका दायर की थी। चंडीगढ़ सीबीआई कोर्ट से उसे खारिज कर दिया गया है, जबकि पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में मामला 4 मई के लिए स्थगित कर दिया है।
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यह है मामला

शिमला से 58 किलोमीटर दूर कोटखाई के एक स्कूल की छात्रा 4 जुलाई, 2017 को लापता हो गई थी। दो दिन बाद उसकी जंगल से लाश मिली थी। एसआईटी ने स्थानीय युवक समेत पांच मजदूरों को गिरफ्तार किया। इनमें सूरज नाम का एक नेपाली युवक भी था, लेकिन कोटखाई थाने में 18 जुलाई, 2017 को सूरज की मौत हो गई। सीबीआई जांच में सामने आया कि पुलिस के टॉर्चर से ही सूरज की मौत हुई थी।

इस केस में सीबीआई ने आईजीपी जहूर एच. जैदी, एसपी डीडब्ल्यू नेगी, ठयोग डीएसपी मनोज जोशी, कोटखाई के पूर्व एसएचओ राजिंदर सिंह, एएसआई दीप चंद, हेड कांस्टेबल सूरत सिंह, मोहन लाल, रफीक अली और कांस्टेबल रंजीत को आरोपी बनाया। इन आरोपियों के खिलाफ शिमला की सीबीआई कोर्ट में केस चल रहा था, लेकिन वहां इनकी तरफ से कोई वकील पेश नहीं हुआ। इस वजह से सुप्रीम कोर्ट ने केस को चंडीगढ़ ट्रांसफर करने का आदेश दिया था।
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