चंडीगढ़। चंडीगढ़ के युवाओं ने शनिवार को अभूतपूर्व देशभक्ति का प्रदर्शन किया। यूटी प्रशासन की ओर से सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों के लिए टैगोर थिएटर में आयोजित पंजीकरण शिविर में उम्मीद से तीन गुना अधिक युवा उमड़ पड़े। लगभग 3000 से ज्यादा युवाओं के पहुंचने से टैगोर थिएटर छोटा पड़ गया, जिसके बाद आनन-फानन में कार्यक्रम को सेक्टर 17 के तिरंगा पार्क में स्थानांतरित करना पड़ा। कई युवा नौकरी से छुट्टी लेकर देश सेवा के लिए पहुंचे।
युवाओं का उत्साह देखते ही बनता था। टैगोर थिएटर से तिरंगा पार्क तक की एक किलोमीटर की दूरी उन्होंने भारत माता की जय के नारों के साथ कुछ ही मिनटों में तय कर ली। तिरंगा पार्क भी देखते ही देखते युवाओं से भर गया। उल्लेखनीय है कि इस जोश में छात्राओं और महिलाओं की भी बड़ी संख्या में भागीदारी रही। हर जाति और धर्म के लोगों में देशप्रेम का अद्भुत नजारा देखने को मिला। 18 वर्षीय उमेश से लेकर 60 वर्षीय सलीम तक, सभी ने यही कहा कि देश से बढ़कर कुछ नहीं है और देश सेवा का अवसर मिलने पर वे सब कुछ छोड़कर सबसे पहले यही कार्य करेंगे। डीसी निशांत यादव ने बताया कि चंडीगढ़ में पहले सिविल डिफेंस के केवल 300 स्वयंसेवक थे, लेकिन एक ही दिन में 3000 नए स्वयंसेवक मिलने से इनकी संख्या दस गुना बढ़ गई है।
पाकिस्तान की समस्या हमेशा के लिए हल करने का समय
पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने टैगोर थिएटर और तिरंगा पार्क दोनों स्थानों पर पहुंचकर युवाओं का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि हमारे लोगों में देश के लिए मर मिटने का जज्बा है। 3000 युवाओं का पंजीकरण इस बात का प्रमाण है कि हमारे युवा हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में हो रही गतिविधियों और देश के बहादुर सैनिकों द्वारा दिए जा रहे प्रतिरोध का उल्लेख करते हुए कहा कि अब पाकिस्तान की समस्या का स्थायी समाधान करने का समय आ गया है। उन्होंने युवाओं के उत्साह और बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि सिविल डिफेंस देश की सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण कवच है और युवाओं की भागीदारी से देश और मजबूत होगा।
आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण
टैगोर थिएटर और तिरंगा पार्क में युवाओं को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण भी दिया गया। इसमें आग से सुरक्षा, सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) और धुएं के दौरान पीड़ितों को सुरक्षित बाहर निकालने की तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम ने इमारत ध्वस्त होने की स्थिति में बचाव कार्यों के बारे में भी प्रशिक्षण दिया। आग लगने की स्थिति में सबसे पहले घटनास्थल को खाली कराने के महत्व पर भी जोर दिया गया।
लोगों की बातचीत
देशसेवा से बढ़कर कुछ नहीं है। जैसे पता चला कि चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में वॉलंटियर भर्ती कैंप चल रहा है तो सब छोड़कर यहां आ गए। -रुचिका मित्तल
सिविल डिफेंस की ट्रेनिंग के माध्यम से देश सेवा का मौका मिला। इससे अच्छी बात नहीं हो सकती है। - आयुषी
प्राइवेट सेक्टर में काम करता हूं। वहां से काम छोड़कर आया हूं। देशसेवा से बढ़कर कुछ भी नहीं है। देश सेवा का मौका सौभाग्य वालों को मिलता है। - गौरव
पहले टैगोर थिएटर गया। वहां से तिरंगा पार्क भेज दिया गया। जवान जब सीमा पर हमारे लिए जान दे सकते हैं तो यहां लोगों की मदद तो कर ही सकते हैं। -अजीत