राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी के अभिभाषण और विपक्ष के बायकॉट के साथ मंगलवार को पंजाब विधानसभा का बजट सत्र शुरू हुआ। एसवाईएल के मुद्दे पर चल रहे ताजा विवाद के बीच राज्यपाल ने दोहराया कि नदियों के पानी का बंटवारा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचलित राइपेरियन सिद्धांत के आधार पर होना चाहिए। चंडीगढ़ और पंजाब की सीमा से सटे पंजाबी भाषी इलाके, 1984 के दंगा पीड़ितों को इंसाफ और पड़ोसी राज्यों की तर्ज पर पंजाब को विशेष औद्योगिक पैकेज एक बार फिर राज्यपाल के अभिभाषण का हिस्सा बने।
वहीं, इस बार श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं के बाद सरकार की ओर से की गई कार्रवाई का जिक्र हुआ। साथ ही पठानकोट और गुरदासपुर में हुए आतंकी हमले के दौरान आतंकियों का सामना करने के मामले में पंजाब पुलिस की भूमिका की प्रशंसा की गई। वहीं खडूर साहिब उप चुनाव में अच्छी वोटिंग के लिए वहां के वोटरों का धन्यवाद किया और चुनाव के बायकॉट के लिए विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया।
राज्यपाल ने कहा कि खेती आधारित पंजाब में 27 प्रतिशत जमीन सिंचाई के लिए नदियों के पानी पर और 72 फीसदी ट्यूबवेल पर निर्भर है। माहिरों का मानना है कि अगर ट्यूबवेल से सिंचाई ऐसे ही जारी रही तो आने वाले समय में पंजाब रेगिस्तान बन जाएगा। इसका एक ही हल है कि अपनी नदियों के पानी पर पंजाब के अधिकार की रक्षा की जाए। राइपेरियन सिद्धांतों के अनुसार पानी का बंटवारा किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा पंजाब के साथ एक और अन्याय हुआ है, इसकी राजधानी चंडीगढ़ को पंजाब को ट्रांसफर नहीं किया गया।
इसी तरह कई पंजाबी भाषी इलाके भी पंजाब को नहीं दिए गए। कहा कि पड़ोसी राज्यों की तरह पंजाब को भी औद्योगिक पैकेज दिया जाए। 1984 के दंगा पीड़ितों को अब तक इंसाफ नहीं मिला है। दोषियों को फौरन सख्त सजा दी जाए। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा पीड़ितों को पांच लाख रुपये दिए जाने का स्वागत करते हुए इस दिशा में कुछ और भी करने की जरूरत पर बल दिया।
खडूर साहिब उप चुनाव से कुछ दलों के किनारा कसने को बताया दुर्भाग्यपूर्ण :
राज्यपाल ने खडूर साहिब उप चुनाव के लिए वोटरों का धन्यवाद करते हुए इसे गठबंधन सरकार के चार साल के कार्यकाल पर जनादेश करार दिया। कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ दलों ने चुनाव का बायकॉट किया। सरकार ने श्री गुरु गोबिंद सिंह की बेअदबी की घटनाओं को गंभीर अपराध करार देते हुए 13 केस दर्ज किए। इनमें से सात मामलों का खुलासा हो चुका है, दो मामलों की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। इसके लिए सजा को तीन साल से बढ़ा कर उम्रकैद में तब्दील किया गया है। पिछले साल हुए फिदायीन हमलों का करारा जवाब दिया गया। पंजाब पुलिस और सुरक्षा बलों ने मिल कर दीनानगर और पठानकोट हमले को नाकाम किया।
पंजाब पुलिस ने एडवांस इंटेलिजेंस इनपुट मुहैया करवाए, जिसके चलते आतंकियों के हमले से पहले एनएसजी मौके पर पहुंचे। राज्यपाल ने दीनानगर और पठानकोट के लोगों की बहादुरी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सिखों की भावनाओं से जुड़े कुछ और मुद्दों का तुरंत हल जरूरी है, जिसमें विदेशों में उनकी पहचान और पेश आने वाली समस्याएं शामिल हैं। राज्यपाल ने नीति आयोग का गठन कर मुख्यमंत्रियों को सीधे स्टेक होल्डर बनाने के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया। गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व मनाने को केंद्र द्वारा सौ करोड़ रुपये के प्रावधान का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि केंद्र का सबसे सराहनीय ऐलान लुधियाना को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल करना था। राज्यपाल ने विभिन्न क्षेत्रों में पंजाब की अच्छी कारगुजारी और उसके लिए मिले अवार्डों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने अनूठी मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा स्कीम शुरू की है, जिसमें सभी धर्मों के लोगों को उनके तीर्थ स्थानों के मुफ्त दर्शन करवाए जा रहे हैं। यह देश में अपनी तरह की पहली योजना है।