ग्रामीणों के पानी के 300 करोड़ माफ करेगी सरकार
बुधवार को कैबिनेट की बैठक में लिया जा सकता है फैसला
चौकीदारों को सेवानिवृत्ति पर मिलेंगे दो लाख रुपये
चालान काटने का अधिकार ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर को दिए जाने फैसले पर लगेगी मुहर
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। चुनावी साल में हरियाणा सरकार लोगों को बड़ी सौगात और राहत देने वाली है। बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार जनता से जुड़े कई फैसलों पर मुहर लगा सकती है। सबसे बड़ी राहत ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के पानी के बकाया बिलों को माफ करने पर लिया जा सकता है। ग्रामीणों पर पानी के बिल के करीब 300 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें ब्याज और जुर्माने की भी राशि भी शामिल है। सरकार या तो पूरे बकाया को माफ करेगी या फिर वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के तहत ब्याज व जुर्माना की राशि माफ कर सकती है। ग्रामीणों को सिर्फ मूल राशि भरनी होगी। एजेंडे में दोनों विकल्प को शामिल किया गया है। वहीं, कैबिनेट की बैठक में दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा रेवन्यू बढ़ाने के लिए सरकार ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर को वाहनों के चालान काटने का अधिकार दिया जा सकता है। अभी तक यह अधिकार रीजनल ट्रांसपोर्ट अधिकारी के पास था। इसके लिए सरकार नियमों में संशोधन करेगी। ट्रांसपोर्ट से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि विभाग में आरटीओ की कमी है, इसलिए नियमों में बदलाव कर इंस्पेक्टर को अधिकार देने जा रही है। इससे सरकार को राजस्व बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, सरकार चौकीदारों को भी बड़ा तोहफा देने जा रही है। अब सेवानिवृत्ति पर चौकीदारों को दो लाख रुपये मिलेंगे। कैबिनेट की बैठक में इसकी भी मंजूरी मिल सकती है। फिलहाल चौकीदारों को सेवानिवृत्ति पर एक भी रुपये नहीं मिलते हैं। राज्य में करीब 14 हजार चौकीदार हैं। चौकीदारों से जुड़ी एसोसिएशन की यह काफी
पुरानी मांग थी। सूत्रों ने जानकारी दी है कि कैबिनेट की बैठक में पेश किए जाने वाले एजेंडे में कई विभागों ने अपने कर्मचारियों के सेवा नियमों में बदलाव का भी प्रस्ताव भी दिया है। इस पर भी सरकार की ओर मुहर लगाई जा सकती है। कैबिनेट में हरियाणा पुलिस भर्ती के नियमों में संशोधन का मामला फिलहाल लटकता नजर आ रहा है। दरअसल देर रात तक भर्ती नियमों में बदलाव का प्रारूप तैयार नहीं हो सका था। इसके अलावा हुक्का बारों पर जुर्माने व सजा का प्रावधान, मृत शरीर सम्मान विधेयक व कबूतरबाजी से संबंधी विधेयक पर भी संशय बना हुआ है। पहले सरकार की ओर से कहा गया था कि इसे कैबिनेट की बैठक में लेकर आएंगे, मगर इन्हें अभी एजेंडे में शामिल नहीं किया गया है। सरकार इन विधेयक को बजट सत्र में ही पेश करेगी।