चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने आईपीएस वाई पूरन कुमार की ओर से सीनियर आईएएस व गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद पर लगाए गए आरोपों की जांच कराने का फैसला किया है। इसके लिए सरकार ने तीन पूर्व आईएएस अफसरों की एक कमेटी गठित की है, जिनमें पूर्व आईएएस राजन गुप्ता, नवराज संधू और पीके दास शामिल हैं। कमेटी आरोपों की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट हरियाणा सरकार को सौपेगी। आईपीएस वाई पूरन कुमार ने पिछले साल अक्तूबर में टीवीएसएन प्रसाद के खिलाफ मुख्य सचिव को शिकायत दी थी। उनके आरोप के मुताबिक पूरन कुमार को आईजी होम गार्ड के पद पर तैनात किया था, जबकि यह कैडर का पद नहीं है। उन्होंने यह भी कहा यह पद कभी भी सृजित नहीं किया गया, जबकि कैडर पद खाली होने के बावजूद उन्हें सात महीने तक नियुक्ति नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि एक साजिश के तहत उन्हें प्रताड़ित किया गया। इस मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भी मुख्य सचिव से 15 दिन में जवाब मांगा है। आयोग ने मुख्य सचिव से पूछा कि आईपीएस वाई पूरन कुमार की शिकायत के मामले में सरकार ने क्या कार्रवाई की है। कार्रवाई की रिपोर्ट 15 दिन के भीतर आयोग के पास भेजी जाए। वहीं, सरकार ने टीवीएसएन प्रसाद को सभी रिकॉर्ड कमेटी को सौंपने के निर्देश दिए हैं। आईपीएस वाई पूरन कुमार की एक और शिकायत दे रखी है। इसमें उन्होंने आईपीएस के 70 से ज्यादा एक्स कैडर पद सृजित करने का आरोप लगाया है। इस शिकायत पर हरियाणा सरकार ने गृह सचिव को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।