चंडीगढ़। तीन साल पहले चंडीगढ़ के एक 42 वर्षीय सरकारी अध्यापक ने सेक्टर-23 में पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी थी और बड़े बेटे के जन्मदिन वाले दिन उसे नहर में धक्का देकर मारने की कोशिश भी की थी। वहीं, नौ वर्ष के छोटे बेटे को लेकर कार में फरार हो गया था। पुलिस अभी तक हत्यारोपी पति का कोई सुराग नहीं लगा सकी है। जून 2021 में जिला अदालत ने अध्यापक मंदीप सिंह को भगौड़ा करार कर दिया था। 15 सितंबर 2020 को इस हत्याकांड के बाद से वह फरार चल रहा है। इसी वर्ष अगस्त में शिक्षा विभाग ने मंदीप सिंह को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। वह ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (टीजीटी) था और सेक्टर-47डी के सरकारी मॉडल स्कूल में पढ़ाता था। उसकी पत्नी ज्योति रानी सामाजिक विज्ञान की अध्यापिका थी और राम दरबार के सरकारी स्कूल में पढ़ाती थी। पुलिस उसका लुक आउट नोटिस भी जारी कर चुकी है।
आरोपी परिवार सहित सेक्टर-23 में रहता था। हत्या के बाद वह 13 वर्ष के बेटे इश्मीत और नौ वर्ष के बेटे जश्नदीप के साथ फरार हो गया था। वह अपनी कार लुधियाना की तरफ लेकर भागा था। आरोपी ने बड़े बेटे को लुधियाना की एक नहर में धक्का देकर उसकी हत्या का प्रयास किया था। हालांकि स्थानीय लोगों और पुलिस की सहायता से उसे बचा लिया गया था। पुलिस को सेक्टर-23 में ज्योति की हत्या की जानकारी तब मिली जब पुलिस इश्मीत को लुधियाना से सेक्टर-23 घर पर लाई थी। सेक्टर- 17 थाना पुलिस ने मंदीप सिंह के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास की धारा में मामला दर्ज किया था मगर अभी तक उसकी कोई जानकारी पुलिस के पास नहीं है।
हरमिंदर साहिब मंदिर पहुंचा था आरोपी मगर फुटेज में बेटा नहीं दिखा
पुलिस को जांच के दौरान मंदीप सिंह की कार अमृतसर में हरमिंदर साहिब मंदिर की पार्किंग में खड़ी मिली थी। अमृतसर में पुलिस को 15 सितंबर की सीसीटीवी फुटेज भी बरामद हुई थी। हालांकि फुटेज में उसका छोटा बेटा कहीं नजर नहीं आया था। आरोपी मंदीप फुटेज के मुताबिक लगभग एक घंटे तक वहां रुका था। इसके बाद उसने ढाबे से खाना खाकर बस स्टैंड के लिए ऑटो पकड़ा था। पुलिस का मानना था कि आरोपी ने अमृतसर पहुंचने से पहले ही छोटे बेटे की हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को दिल्ली, बिहार और पंजाब के बाकी गुरुद्वारों में भी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ढूंढने का प्रयास किया था मगर उसका कोई सुराग नहीं लग सका था। पुलिस ने उसकी कार का नंबर पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से भी सांझा किया था। वहीं वारदात के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ कर दिया था और बाद में वह ऑन नहीं हुआ।
बच्चों को झूठ बोला की मां को कोविड हुआ है
जानकारी के मुताबिक आरोपी ने पत्नी की हत्या के बाद दोनों बच्चों को कहा था कि उनकी मां कोविड के चलते एकांतवास में है। ज्योति की खून से सनी लाश बिस्तर पर चादर से लिपटी हुई थी। लुधियाना पुलिस के चंडीगढ़ पहुंचने पर हत्या का खुलासा हुआ था। सेक्टर- 17 पुलिस घर का ताला तोड़ अंदर दाखिल हुई थी। ज्योति का चेहरा काफी सूजा हुआ था और उसके सिर के पीछे चोट का निशान था। ऐसे में प्रतीत हुआ था कि उसके सिर के पीछे किसी हथियार से हमला कर बाद में उसका गला भी घोंटा गया था। वहीं इश्मीत घटना के बाद फतेहगढ़ साहिब में नाना के पास रहने चला गया था।