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राम रहीम को लेकर सरकार गंभीर, सुनारिया जेल में रोजाना बदली जाएगी बैरक

Sat, 16 Sep 2017 09:09 AM IST
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Ram Rahim - फोटो : File Photo
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हरियाणा सरकार जेल से बाहर ही नहीं, बल्कि जेल के भीतर भी डेरामुखी की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। इसके कारण यह निर्णय लिया गया है कि रोहतक की सुनारिया जेल में रोजाना डेरामुखी की बैरक बदली जाएगी। डेरामुखी 24 घंटे दो नंबरदारों की निगरानी में रहेगा और दोनों नंबरदार भी डेरामुखी की बैरक के बिल्कुल सामने वाले बैरक में रहेंगे। डेरामुखी के साथ-साथ नंबरदारों की बैरकें भी उसी तरह से बदलती रहेंगी। 
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सूत्रों के अनुसार जेल में डेरामुखी के लिए अलग ब्लॉक की व्यवस्था कर दी गई है। उस ब्लॉक की बैरकों में सिर्फ डेरामुखी और नंबरदार ही रहेंगे। डेरामुखी की बैरक में सिर्फ दो कंबल और एक बिछौना रहेगा। यदि कुछ चाहिए तो डेरामुखी नंबरदारों को आवाज लगाएगा और नंबरदार उसकी मांग से जेल अथारिटी को अवगत करवाएंगे।

डेरामुखी को दिए जाने वाला खाना भी खास निगरानी में तैयार होगा और परोसकर उस तक पहुंचाया जाएगा। फिलहाल डेरामुखी को दूसरे कैदियों से अलग रखा जाएगा। उनके लिए बागवानी की व्यवस्था भी उसी ब्लॉक में अलग से कर दी गई है, जहां डेरामुखी ने माली का काम करना है। गोपनीयता की शर्त पर एक आला अफसर ने बताया कि  यह व्यवस्था डेरामुखी की सुरक्षा के चलते की गई है।
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इस वजह से रहेगी कड़ी सुरक्षा

Ram Rahim - फोटो : File Photo
इस वजह से रहेगी कड़ी सुरक्षा
सूत्रों ने बताया कि खुफिया एजेंसियों के अनुसार पंचकूला में डेरामुखी को दोषी करार के बाद भगाने का बड़ी साजिश को खुलासा हो चुका है। इस आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता कि फिर से ऐसी कोशिश न हो। दूसरी बड़ी वजह है डेरामुखी का डिप्रेशन। डेरामुखी इस वक्त काफी डिप्रेशन में हैं। वह जेल में कभी हनीप्रीत और अन्य लोगों को याद करता है और खुद को कोसते हुए रोता है। इसलिए इस बात की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि डिप्रेशन की स्थिति में वह आत्महत्या कर ले। यदि ऐसा हुआ तो फिर से बड़ा बवाल हो सकता है। 

तीसरे वजह है डेरामुखी कुर्बानी ब्रिगेड। खुफिया एजेंसियों के अनुसार बहुत से डेरा अनुयायी अभी भी इस प्रकरण के बाद से काफी आक्रोश में हैं। ये कुर्बानी दस्ते डेरामुखी के लिए मर भी सकते हैं और मारने को भी तैयार रहते हैं। इन्हीं वजह से जेल के भीतर और बाहर सुरक्षा पुख्ता की गई है। उल्लेखनीय है कि सुनारिया जेल से पहले ही डेरामुखी की सुरक्षा के मद्देनजर 22 खूंखार कैदियों को दूसरी जेलों में शिफ्ट किया जा चुका है।

जेल में बाबा की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। गुरमीत की सुरक्षा में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जा रही है। उसे आम कैदी की तरह ही रखा जा रहा है।
-बीएस संधू, डीजीपी, हरियाणा
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