-एक दिन पहले तक अनाज मंडियों में न सफाई और न ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध
-अधिकतर मंडियों में बारदाना, परिवहन और लेबर की भी नहीं की गई है व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़/करनाल/रोहतक/हिसार। हरियाणा में 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होनी है। अनाज मंडियों में इसके कोई खास तैयारियां नहीं की गई हैं। न तो मंडियों की सफाई की गई है और न ही मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त किया गया है। स्थिति यह है कि विभागीय अधिकारियों की ओर से बारदाना, ट्रांसपोर्ट और लेबर की भी व्यवस्था नहीं की गई है। इससे भी बड़ी बात ये है कि आढ़त को लेकर प्रदेशभर के मंडी आढ़तियों ने 1 अप्रैल से 5 अप्रैल तक आंदोलन का एलान किया है। रोजाना दो घंटे तक आढ़ती हड़ताल करेंगे, हालांकि अभी उन्होंने खरीद का बहिष्कार नहीं किया है। आढ़तियों ने चेताया है कि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो आंदोलन का एलान किया जाएगा।
करनाल, अंबाला छावनी और शहर की अनाज मंडी की बात करें तो यहां सफाई व्यवस्था बेहाल है। मंडियों में बारदाना भी रविवार तक नहीं पहुंचा। दूसरी ओर पानीपत की अनाज मंडियों में भी साफ सफाई के अलावा पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं का टोटा है। मंडियों में अब तक बारदाना नहीं पहुंच पाया है। गेहूं उठान और ट्रांसपोर्ट का भी टेंडर नहीं किया जा सका है। कैथल सहित जीटी बेल्ट के अन्य मंडियों में भी बिजली, पानी और निकासी जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। कुरुक्षेत्र की मुख्य मंडी थानेसर में अभी तक निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। सोमवार तक बारदाना, ट्रांसपोर्ट और लेबर के टेंडर होने की संभावना है।
रोहतक जिले में पांच केंद्रों पर होगी खरीद
जिले में रोहतक अनाजमंडी के अलावा सांपला, महम, कलानौर और सांघी में गेहूं खरीद केंद्र बनाए गए हैं। मार्केट कमेटी सचिव देवेंद्र ढुल ने कहा कि खरीद कार्य सुचारु बनाने के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। सोनीपत जिले की चार मंडियों व 20 खरीद केंद्रों में गेहूं की सरकारी खरीद होगी। खरीद केंद्रों में बिजली-पानी व शौचालय की व्यवस्था अभी तक नहीं हो सकी है। झज्जर में इस बार 10 केंद्रों, नारनौल में 6, जींद में 36 केंद्रों, रेवाड़ी में 3 पर खरीद होगी। हालांकि, अभी सप्ताह के बाद फसल आने की संभावना है।
फतेहाबाद में मंडियां धान से अटीं
हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, चरखीदादरी और भिवानी में कल से गेहूं की सरकारी खरीद होनी है, लेकिन फसल पकने में देरी के कारण अभी आवक नहीं है। इन मंडियों में फिलहाल सरसों की खरीद हो रही है। फतेहाबाद जिले की सात अनाज मंडियों और 45 खरीद केंद्रों पर सोमवार से गेहूं की खरीद होनी है। फतेहाबाद और रतिया अनाज मंडी में मुच्छल धान के बड़े-बड़े ढेर लगे हैं। सीजन में 3,800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिका मुच्छल धान अब 4,300 रुपये के हिसाब से बिक रहा है। फतेहाबाद जिले में इस बार में 4.5 लाख एकड़ क्षेत्र में गेहूं की बिजाई हुई है, वहीं 40,000 एकड़ में सरसों की बिजाई हुई है।
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चरखीदादरी में आढ़तियों ने बहिष्कार वापस लिया
चरखीदादरी में आढ़तियों ने सरसों की खरीद के बहिष्कार का फैसला वापस ले लिया है। यहां चार खरीद केंद्र बनाए गए हैं। अभी गेहूं की फसल पकी नहीं है। फिलहाल सिर्फ सरसों की खरीद की जाएगी। वहीं, भिवानी मंडी में गेहूं की खरीद की तैयारी है, लेकिन अभी आवक नहीं है। गेहूं की करीब 10 से 12 क्विंटल ढेरी लगी हैं, ये भी अभी सरकारी खरीद में शामिल नहीं हैं।
कोट
प्रदेशभर के आढ़तियों ने अपनी मांगों को लेकर 5 अप्रैल तक विरोध प्रदर्शन का फैसला लिया है। दिन में 11 बजे से लेकर 1 बजे तक आढ़ती सरकार के फैसलों के खिलाफ रोष जताएंगे। उनकी मांग है कि सभी फसलों को आढ़तियों के माध्यम से खरीदा जाए, साथ ही साइलो में सीधे भेजे जा रही फसलों पर भी आढ़त दी जाए। अगर इन पांच दिनों में सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया तो आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। -रजनीश चौधरी, चेयरमैन, आढ़ती एसोसिएशन हरियाणा।