आजादी के सत्तर साल बाद भी हरियाणा के लगभग सात लाख घर उजाले की आस में हैं। इनका अंधेरा अभी तक छंट नहीं पाया है। प्रदेश के सभी 6642 गांवों का विद्युतीकरण तो हो चुका है, लेकिन हर घर में बिजली अभी सपना बनी हुई है।
2011 की जनगणना के अनुसार हरियाणा के कुल 34.21 लाख घरों में से 31 जुलाई 2017 तक 27.28 लाख घरों में बिजली जगमगा रही है, जबकि छह लाख 93 हजार घरों में बिजली पहुंचना बाकि है। हरियाणा में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत गांवों में बिजली पहुंचाने के लिए दसवें प्लान में चार और ग्यारहवें प्लान में 17 प्रोजेक्ट शुरू किए गए। चार प्रोजेक्ट के लिए 38.67 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी, जिसमें से 35.70 करोड़ रुपये जारी हो चुकी है। 17 येाजनाओं के लिए मंजूर 134.32 करोड़ रुपये में से 120 रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है।
दसवें प्लान की चार योजनाओं के तहत 34 हजार 555 बीपीएल घरों को जगमग किया गया, जबकि ग्यारहवें प्लान की 17 योजनाओं के तहत चिन्हित 1 लाख 85 हजार 457 बीपीएल घरों में से एक लाख 64 हजार 25 घरों में बिजली कनेक्शन दिए जा चुके हैं। सत्रह में से 15 योजनाएं बंद हो चुकी है, जबकि तीन बाकि घरों में बिजली पहुंचाने के लिए चल रही हैं। दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत मनोहर लाल सरकार ने 316 करोड़ रुपये के 21 और प्रोजेक्ट स्वीकृत किए हैं। 11 प्रोजेक्ट में काम शुरू हो चुका है। जिनके लिए शुरूआती स्तर पर सात करोड़ 29 लाख रुपये जारी किए गए हैं।