इंजीनियरिंग, बहुतकनीकी कॉलेजों के अतिथि शिक्षकों का मानदेय बढ़ा
हरियाणा सरकार ने सरकारी और संस्थागत इंजीनियरिंग, बहुतकनीकी कॉलेजों के अतिथि शिक्षकों को विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी सौगात दी है। उच्च शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से इनका मानदेय बढ़ा दिया है। इंजीनियरिंग कॉलेजों में वर्कलोड और योग्यता पूरी होने पर 55500 मानदेय मिलेगा, जबकि वर्कलोड पूरा और योग्यता में छूट के आधार पर नियुक्त शिक्षकों को 35400 बतौर मानदेय मिलेंगे।
बहुतकनीकी कॉलेजों में पूरे वर्कलोड और सरकार की तय योग्यता अनुसार कार्यरत अतिथि शिक्षकों को 53100 मानदेय मिलेगा। जो शिक्षक पूरे वर्कलोड के तहत लगे हैं, लेकिन योग्यता में छूट प्राप्त हैं, उनमें 35400 मानदेय दिया जाएगा। अतिथि अनुदेशकों को अब 35400 रुपये मानदेय मिलेगा। जिनका वर्कलोड पूरा है, लेकिन योग्यता में छूट प्राप्त हैं, उनमें 20 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव अंकुर गुप्ता ने सभी प्रिंसिपल को निर्देश दिए हैं कि अगर इंजीनियरिंग कॉलेजों व बहुतकनीकी संस्थानों में अब भी वर्कलोड शेष है तो घंटों के आधार पर अतिथि शिक्षक और अनुदेशक नियुक्त करें।
गेस्ट टीचर्स को तीन प्रतिशत डीए
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत 13 हजार से ज्यादा गेस्ट शिक्षकों को सरकार ने 3 प्रतिशत डीए देने का निर्णय लिया है। पहली जनवरी 2019 से ये देय होगा। सेकेंडरी शिक्षा निदेशक बलकार सिंह ने आदेश जारी कर दिए हैं। किसी भी गेस्ट को 58 साल तक नौकरी से नहीं हटाया जाएगा।
चुनावी मोड में आई हरियाणा सरकार
हरियाणा में जन आर्शीवाद यात्रा के समापन के साथ ही सरकार चुनाव मोड में उतर गई है। सीएम मनोहर लाल ने यहां घोषणाओं की झड़ी लगाते सूबे के कर्मचारियों से लेकर गांव के बाहर बनी ढाड़ियों को भी राहत देने का काम किया है। मालूम हो कि हरियाणा में 13 या 14 सितंबर के बाद कभी भी आचार संहिता लग सकती है। यहां पत्रकारों से बातचीत में सीएम ने अपनी योजनाओं का खाका मीडिया के सामने रखा।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाकर चौकीदारों, नम्बरदारों, स्वतंत्रता सेनानियों, भवन निर्माण से जुड़े श्रमिकों को शामिल करना, पाल गड़रिया समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करना, प्रदेश की 16700 ढाणियों के परिवारों को मनोहर ज्योति योजना के तहत बिजली देना हमारी प्राथमिकता है।
योजनओं के तहत सोलर पॉवर के इनवर्टरों पर 37.50 करोड़ रुपये की राशि की सब्सिडी देना, शहरी व ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के मासिक वेतन में 1500-1500 रुपये की वृद्धि करना, शहरी स्वास्थ्य केंद्रों के 226 कर्मचारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारियों की तर्ज लाभ देना, सहकारी चीनी मिलों के 672 कच्चे कर्मचारियों को पहली अगस्त, 2018 से पक्के कर्मचारियों की तरह सातवें वेतन आयोग की तर्ज पर 14.29 प्रतिशत की वेतन वृद्धि का लाभ देना शामिल है।
सीएम ने कहा कि मिड-डे मिल कर्मचारियों को मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना का लाभ देने के लिए शिक्षा विभाग 12 व 13 सितम्बर को हर ब्लॉक में विशेष कैम्प लगाएगा। अगले 15 दिनों के भीतर इसका लाभ दे दिया जाएगा। इसी प्रकार, एरियर के रूप में सहकारी चीनी मिल के कर्मचारियों को 14.29 प्रतिशत वेतन वृद्धि से 1.88 करोड़ रुपये का लाभ होगा तथा इस पर 90 लाख रुपये का भार पड़ेगा।
लगभग 11000 ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को अब 11000 रुपये मासिक की बजाय 12500 रुपये तथा लगभग शहरी सफाई कर्मचारियों को 13500 की बजाय 15000 रुपये मासिक मानदेय मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारा वर्ष 2014 के चुनावी संकल्प पत्र में किया गया वादा था। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी वर्ष 2016 में ग्रामीण चौकीदारों में 1900 रुपये की बढ़ौतरी की गई थी।