पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी के कर्मचारियों की ओर से हाउसिंग बोर्ड से मकान की मांग को लेकर दायर याचिका की सुनवाई स्थगित कर दी है।
अब यह सुनवाई आठ फरवरी को होगी। कर्मचारियों के लिए हाउसिंग बोर्ड ने मकान की योजना निकाली थी और पैसे ले लिए थे। इसके बावजूद मकान नहीं मिले। इस पर कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। हाईकोर्ट केनोटिस पर हाउसिंग बोर्ड ने कहा था कि प्रशासन ने अभी तक हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराई है।
कहा था कि योजना की घोषणा के वक्त जिस कीमत पर मकानों की पेशकश की गई थी, जमीन नहीं मिलने के कारण हुई देरी के बाद उस समय के हिसाब से प्रोजेक्ट महंगा हो गया है। बोर्ड ने यहां तक कहा था कि बोर्ड यह स्कीम खत्म करने जा रहा है और कर्मचारियों को उनके पैसे वापस दे दिए जाएंगे।
इस पर हाईकोर्ट ने एक बार यहां तक कह दिया था कि यह सीधे तौर पर हाउसिंग बोर्ड पर आपराधिक मामला बनता है और पूछा था कि साफ तौर पर बताया जाए कि कर्मचारियों को मकान के लिए क्या किया जा रहा है।
अभी यह मामला प्रशासन और हाउसिंग बोर्ड के बीच विचाराधीन है। हाईकोर्ट में प्रशासन ने जवाब दिया था कि प्रोजेक्ट पर केंद्र से विचार विमर्श किया जा रहा है, अभी कोई जवाब नहीं आया है।