-हाईकोर्ट ने कहा, अगली सुनवाई पर जवाब दाखिल न किया तो लगाएंगे जुर्माना
-फरीदाबाद की बदहाल स्थिति पर हाईकोर्ट ने लिया था संज्ञान, अब सब जिलों की रिपोर्ट तलब
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
फरीदाबाद में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की बदहाल स्थिति पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा लिए संज्ञान पर सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने एक बार फिर से मोहलत मांगी। हाईकोर्ट ने अब हरियाणा सरकार को आखिरी मौका देते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि अगली सुनवाई पर जवाब दाखिल नहीं किया गया तो जुर्माना लगाया जाएगा। हाईकोर्ट के जस्टिस एके मित्तल 2018 में फरीदाबाद दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने पाया कि यहां जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की स्थिति बदहाल है। बोर्ड के पास अपनी इमारत तक नहीं है। बोर्ड का काम काज चलता रहे इसके लिए एक शोरूम की इमारत को इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही बोर्ड के कामकाज के लिए उचित संसाधन तक मौजूद नहीं थे। पर्याप्त स्टाफ और फर्नीचर की कमी के साथ ही लोगों के बैठने का स्थान तक मौजूद नहीं है। जस्टिस एके मित्तल ने इसका संज्ञान लेते हुए वापस लौट कर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिख बोर्ड की स्थिति से अवगत करवाया। चीफ जस्टिस ने इस पत्र का संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका के तौर पर सुनने का निर्णय लिया था। हरियाणा सरकार ने फरीदाबाद को लेकर अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। अब हाईकोर्ट ने हरियाणा के सभी जिलों में मौजूद जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की स्थिति को लेकर रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।