चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के चार हॉस्टलों में स्टूडेंट्स का रखा सामान या तो लोकल गार्जियन को दिया जा सकता है या फिर पीयू प्रशासन छात्रों के घरों पर भी पहुंचा सकता है। इस पर तेजी से मंथन चल रहा है। इसके अलावा जो सामान यहां बच जाएगा उन्हें एक कमरे में बंद करवाकर रख दिया जाएगा। इस पर पीयू प्रशासन तेजी के साथ काम कर रहा है ताकि जल्द से जल्द हॉस्टलों को प्रशासन के हवाले किया जा सके और आगे की तैयारियां हो सकें।
लगातार कोरोना के केस बढ़ रहे हैं। देशभर में बढ़ रहे आंकड़ों को देखते हुए स्थिति और भी खराब हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक बेड की व्यवस्था सरकार करने में जुटी है। मरीज अचानक बढ़ेंगे तो उन्हें भर्ती किया जा सके। इसी क्रम में पीयू के चार हॉस्टलों को आइसोलेशन वार्ड बनाया जाएगा। पहले इसको लेकर विरोध हुआ लेकिन प्रशासन को यह हॉस्टल हर हाल में चाहिए। इसलिए शुक्रवार को चंडीगढ़ प्रशासन की टीम ने मौका मुआयना कर लिया और पीयू के अधिकारियों से कहा है कि वह सामान आदि के पहुंचवाने के लिए या कहीं रखवाने पर योजना बनाएं। सूत्रों का कहना है कि पीयू प्रशासन यूटी प्रशासन के मुताबिक कार्य करेगा। यूटी प्रशासन ने कहा है कि छात्र चाहेंगे तो यह सामान उनके घरों तक पहुंचाया जा सकता है। पीयू यह भी तरीका निकाल रहा हे कि चंडीगढ़ या आसपास के छात्रों के जो लोकल गार्जियन रहते हैं उन तक सामान पहुंचाया जाए। हालांकि मंथन चल रहा है। निर्णय जल्द ही सामने आएगा।