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सामान खरीदकर हाथ में लेकर नहीं जा सकते, फ्री में कैरी बैग देना चाहिए, रिलायंस ट्रेंड्स के खिलाफ मोहाली निवासी की शिकायत पर उपभोक्ता फोरम ने लगाया जुर्माना

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चंडीगढ़। कोई भी कस्टमर सामान खरीदने के बाद उसे हाथ में लेकर नहीं जा सकता, उसे कैरीबैग की जरूरत पड़ेगी ही। कैरीबैग के लिए कस्टमर पर अलग से बोझ नहीं डाला जा सकता। यह टिप्पणी उपभोक्ता फोरम ने कैरी बैग के पैसे लेने पर रिलायंस ट्रेंड्स के खिलाफ आदेश देते हुए किए हैं। इसके साथ ही फोरम ने कैरी बैग के पैसे लेने पर स्टोर पर जुर्माना भी लगाया है।
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मोहाली के फेज-9 में रहने वाले अमरप्रीत सिंह ने फोरम में इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित एलांते मॉल के रिलायंस ट्रेंड्स के खिलाफ शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उक्त स्टोर से कुछ जरूरी सामान खरीदा और पेमेंट के लिए बिलिंग काउंटर पर गए। काउंटर पर उन्हें बताया गया कि कैरीबैग के लिए उन्हें 5 रुपये एक्स्ट्रा चार्ज देने होंगे। शिकायतकर्ता ने इस पर विरोध भी जताया और कहा कि कैरीबैग शॉपिंग के लिए जरूरी है, इसलिए बिना कोई शुल्क इसे दिया जाना चाहिए, लेकिन स्टोर की तरफ से इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद ही उन्होंने इस संबंध में फोरम में शिकायत दी।
फोरम ने दिए यह आदेश
उपभोक्ता फोरम ने रिलायंस ट्रेंड्स की ओर से कैरीबैग के लिए चार्ज किए 5 रुपये की राशि रिफंड करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए एक हजार रुपये मुआवजा और 500 रुपये मुकदमा खर्च भी देने के निर्देश दिए हैं। आदेश की प्रति मिलने पर एक माह के अंदर इन आदेशों की पालना करनी होगी। फोरम ने अपने आदेश में कहा कि ऐसी कंपनियों के देश भर में कई स्टोर होंगे, जिससे वह काफी पैसे कमाते होंगे। इस तरह कैरीबैग के लिए भोले भाले लोगों से चार्ज करना सेवा में कोताही है। कहा कि, अगर कैरीबैग सादा हो तो भी कंपनी उसके लिए पैसे नहीं ले सकती है। फोरम ने साफ कहा है कि सामान को हाथ में नहीं ले जा सकते, उसे कैरीबैग मुहैया कराना स्टोर की जिम्मेदारी है। वह चाहे प्रिंटेड बैग दें या सादा।
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