चंडीगढ़। कलाग्राम में सोमवार को लकड़ी की मूर्तियों की एक प्रदर्शनी की नार्थ जोन कल्चर सेंटर ने मेजबानी की। कथक प्रतिपादक डॉ. समीरा कोसर ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसमें ज्यादातर शीशम की लकड़ी की 30-35 साल पुरानी बनी कलाकृतियां प्रदर्शित की गईं। देश भर से विभिन्न समर्पित मूर्तिकारों द्वारा लाई गई पुरानी लकड़ी की कलाकृतियां ट्राइसिटी के प्रसिद्ध कलाकार गुरमीत गोल्डी ने दोबारा से बनाई हैं। प्रदर्शनी में पचास कलाकृतियां हैं जिसमें गोल्डी का अपना काम भी शामिल है। गुरमीत ने हाल ही में एक ऑनलाइन कार्यशाला की मेजबानी भी की है।
नार्थ जोन कल्चर सेंटर के डायरेक्टर प्रोफेसर सौभाग्य वर्द्धन ने कहा कि इन कलाकृतियों को समय-समय पर प्रदर्शनी में रखा जाएगा। हम कलाग्राम को एक मूर्तिकला पार्क के रूप में विकसित करेंगे, जहां लोग रॉक गार्डन की तर्ज पर इन्हें देखने आएंगे।
समय लगा.. लेकिन हुआ बेहतर काम
गुरमीत गोल्डी ने बताया कि कलाग्राम में कई वर्षों से पुरानी लकड़ी की मूर्तियों को दोबारा से बेहतर करने का आइडिया नार्थ जोन कला सेंटर के डायरेक्टर प्रोफेसर सौभाग्य वर्द्धन का था। इसे दोबारा से ठीक करने का जिम्मा उन्होंने मुझे दिया। लकड़ी की मूर्तियों को दोबारा से आकार देने में मुझे एक-डेढ़ महीने का वक्त लगा।