रविवार सुबह करीब दस बजे चंडीगढ़ सेक्टर-11 थाना प्रभारी मलकीत सिंह, सेक्टर-17 थाना प्रभारी राजीव कुमार होटल कमल पैलेस पहुंचे। पुलिस ने गोगामेड़ी के हत्यारों के होटल में छिपे होने संबंधी जानकारी के लिए होटल के रजिस्टर की जांच की। पता चला कि शूटर रोहित राठौड़, नितिन फौजी और उनका मददगार उधम सिंह होटल में भिवानी के वार्ड नंबर-2 निवासी देवेंदर कुमार (42), गांव रामदेव मंदिर भाइनी निवासी जयवीर सिंह (27) और सुखबीर सिंह की पहचान के साथ रुके थे।
पता चला कि नितिन फौजी, रोहित राठौड़ व उधम सिंह ने होटल में शनिवार शाम 7:40 बजे एंट्री की थी। आरोपी यहां एक ऑटो से पहुंचे थे। उन्होंने होटल स्टाफ को बताया कि वे मनाली से आ रहे हैं और उन्हें फतेहाबाद जाना है। होटल में उन्होंने अपनी आईडी दिखाई और तीन में से एक आरोपी इसका प्रिंटआउट लेने चला गया। होटल स्टाफ ने खुलासा किया कि आरोपियों की योजना फ्रेश होकर चंडीगढ़ के एक क्लब में जाकर जश्न मनाने की थी। उन्हें होटल का कमरा नंबर 105 दिया गया।
कमरे में प्रवेश करने के 10 मिनट बाद ही सिविल ड्रेस में दिल्ली-राजस्थान पुलिस की 12 सदस्यों की टीम होटल पहुंची और आरोपियों के फर्जी आधार कार्ड की कॉपी दिखाते हुए उनके होटल में रुकने की तस्दीक की। इसके बाद कमरा नंबर 105 में दबिश देकर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली पुलिस आरोपियों के बैग, होटल से सीसीटीवी की डीवीआर भी अपने साथ ले गई।
होटल कर्मियों के मोबाइल फोन करवा दिए थे बंद
दिल्ली और राजस्थान पुलिस ने होटल पहुंचते ही सभी कर्मियों के मोबाइल फोन बंद करवा दिए थे। जानकारी के मुताबिक, पुलिस टीम को आरोपियों की लोकेशन का पता लग चुका था। पुलिस ने पूरी तैयारी के साथ उन्हें काबू किया। सेक्टर-23 और 24 के लाइट प्वाइंट के पास कोने में शराब के ठेके के पीछे बने इस होटल में आधा दर्जन कमरे हैं।
खास बात यह है कि इस पूरी कार्रवाई का पता चंडीगढ़ पुलिस को नहीं चला जबकि होटल से डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर सेक्टर-24 पुलिस चौकी है। चौकी परिसर में जिला अपराध शाखा का दफ्तर भी है। चंडीगढ़ पुलिस के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब भी कोई बाहरी पुलिस किसी शहर या राज्य में इस तरह का ऑपरेशन करती है तो संबंधित थाने में डीडीआर कटवानी होती है। इसके बिना अदालत में केस को साबित करने में दिक्कत आ सकती है।