चंडीगढ़। केंद्र सरकार ने 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसी दिशा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जून 2026 में नशामुक्त भारत विजन डॉक्यूमेंट 2026-29 जारी किया था। इसके प्रमुख बिंदुओं और नशे के खिलाफ अभियानों की जानकारी देने के लिए बुधवार को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के सहयोग से चंडीगढ़ में वार्तालाप आयोजित किया गया।
एनसीबी चंडीगढ़ के जोनल निदेशक अमनजीत सिंह, गृह मंत्रालय के अपर महानिदेशक (मीडिया) राज कुमार और पीआईबी चंडीगढ़ की उप निदेशक सपना ने रणनीति की जानकारी दी। जुलाई 2026 से जुलाई 2029 तक के रोडमैप में चार स्तंभ तय किए गए हैं-खुफिया सूचना आधारित कार्रवाई, प्रीकर्सर व सिंथेटिक ड्रग्स पर नियंत्रण, मांग व नुकसान में कमी और क्षमता निर्माण व समन्वय।
रणनीति में नशीले पदार्थों के स्रोत, तस्करी के रास्तों, सरगनाओं, डार्कनेट, हवाला और वित्तपोषण नेटवर्क पर कार्रवाई के साथ अवैध ड्रग लैब और खेती पर रोक तथा तस्करों की संपत्ति जब्त करने पर जोर है। शिक्षण संस्थानों को नशामुक्त बनाने के लिए एनसीसी, एनएसएस और माई भारत के जरिए नशामुक्त भारत मित्र तैयार करने की भी योजना है।