चंडीगढ़। स्वास्थ्य सचिव ने शुक्रवार को सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल सेक्टर-32 (जीएमसीएच) को सत्र 2023 के लिए एमडी/एमएस प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया और अनुक्रमण को तुरंत संशोधित करने का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार जीएमसीएच के छात्रों से एमडी, एमएस की सीटों में विकल्प का अधिकार छिन गया है जबकि अब जीएमसीएच-32 से एमबीबीएस करने वाले छात्रों के पास एमडी/एमएस प्रवेश के लिए यूटी पूल और इंस्ट्यूशनल पूल दोनों के विकल्प उपलब्ध होते थे, लेकिन किए गए बदलाव के बाद ऐसा संभव नहीं होगा। इसका उद्देश्य एनईईटी-पीजी में उच्च रैंक वाले उम्मीदवारों के खिलाफ किसी भी भेदभाव को खत्म करना है और यह सुनिश्चित करना है कि एमडी/एमएस प्रवेश के लिए काउंसलिंग पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाए। स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने जीएमसीएच-32 को निर्देश दिया कि बदलावों को सख्ती से अनुपालन के लिए प्रॉस्पेक्ट्स में स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए। हालांकि इस बदलाव पर चंडीगढ़ के अभिभावकों का विरोध सामने आने लगा है। एमडी/एमएस प्रवेश की प्रक्रिया अगस्त में शुरू होगी क्योंकि आवेदन करने की अंतिम तिथि 9 अगस्त है। उम्मीदवार 13 अगस्त तक आपत्तियों में सुधार कर सकते हैं और पहले दौर की काउंसलिंग 16 अगस्त को आयोजित की जाएगी। हाल के आदेशों के अनुसार जीएमसीएच-32 को आईपी पूल (आईपी एंड यूटी) और यूटी पूल के तहत योग्य आवेदकों की एनईईटी-पीजी रैंक के आधार पर एक सामान्य मेरिट सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, काउंसलिंग शुरू होने से पहले कॉमन मेरिट सूची आवश्यक रूप से वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएगी।
आदेशों में सामान्य मेरिट सूची के टॉपर से सीट आवंटन शुरू करने और उसके बाद सूची में अगले को शामिल करने का निर्देश दिया गया। आईपी पूल आवेदक (जिन्हें आईपी+यूटी कहा जाता है) को सबसे पहले आईपी पूल में उपलब्ध उसकी पसंदीदा शाखा की सीट के विरुद्ध समायोजित किया जाना चाहिए। हालांकि, यदि पसंदीदा शाखा आईपी पूल में उपलब्ध नहीं है तो पात्रता मानदंडों को पूरा करने के अधीन है। यूटी पूल, उसे यूटी पूल के तहत पसंदीदा पसंद की शाखा के लिए विचार किया जाना चाहिए। स्वास्थ्य सचिव के निर्देशानुसार, यूटी पूल आवेदक को केवल यूटी पूल में उपलब्ध उसकी पसंदीदा शाखा की सीट के विरुद्ध ही विचार किया जाएगा।
हर एक प्रक्रिया की दी जाए जानकारी
स्वास्थ्य सचिव के निर्देशों में यह भी कहा गया है कि काउंसलिंग के प्रत्येक दौर के समापन के बाद, सीट आवंटन तुरंत जीएमसीएच-32 की वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाना चाहिए। डिस्प्ले में स्पष्ट रूप से दर्शाया जाना चाहिए कि प्रत्येक उम्मीदवार को उनके संबंधित एनईईटी-पीजी रैंक के साथ आईपी पूल या यूटी पूल के तहत शाखा आवंटित की गई है या नहीं। यह मामला तब सामने आयाए जब चंडीगढ़ के एक डॉक्टर ने 18 जुलाई को यूटी प्रशासक के साथ भेदभाव की शिकायत दर्ज की, जिसमें यूटी चंडीगढ़ पूल में एमडी/एमएस के लिए सीट आवंटन प्रक्रिया की जांच का आग्रह किया गया।
ये है मामला
शिकायतकर्ता के मुताबिक यूटी के जिन डॉक्टरों ने चंडीगढ़ के बाहर से एमबीबीएस पास किया है। कुछ मामलों में एनईईटी पीजी परीक्षा में उच्च योग्यता प्राप्त करने के बाद भी उनके लिए आरक्षित यूटी पूल के तहत उनके अपने राज्य/केंद्र शासित प्रदेश जीएमसीएच-32 में स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में सीटों के आवंटन में उनके समकक्षों के मुकाबले सीटें आवंटित की जाती हैं, जिन्होंने एमबीबीएस उत्तीर्ण किया है। जीएमसीएच और संस्थागत वरीयता पूल (आईपी) की श्रेणी में आता है। शिकायत के अनुसार एनईईटी-पीजी रैंक के आधार पर तैयार की गई संयुक्त मेरिट सूची में आईपी पूल के उम्मीदवारों को सबसे पहले यूटी पूल सीटों के खिलाफ समायोजित किया जाता है ताकि निचले रैंक वाले आईपी पूल के उम्मीदवारों को विशेष आईपी पूल से सीटें मिल सकें।
सुझाव को किया दरकिनार
यूटी चंडीगढ़ पूल में चंडीगढ़ की पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार शामिल हैं जैसे कि चंडीगढ़ में पांच साल की अवधि तक पढ़ाई की हो या माता-पिता कम से कम पांच साल से शहर में रह रहे हों/रहे हों। चूंकि एमबीबीएस पाठ्यक्रम पूरा करने में लगभग पांच वर्ष लगते हैं। आमतौर पर आईपी पूल के उम्मीदवार यूटी चंडीगढ़ पूल के मानदंडों को भी पूरा करते हैं और इसलिए उन्हें दोनों पूलों में विचार किया जा रहा है। यह देखा गया कि सत्र 2022 में यूटी पूल के उच्च एनईईटी-पीजी रैंकर्स को सीट नहीं मिल सकी क्योंकि आईपी पूल के उम्मीदवारों को पसंदीदा शाखा में आईपी पूल सीट की उपलब्धता के बावजूद सबसे पहले यूटी पूल सीटों के खिलाफ समायोजित किया गया था। जीएमसीएच-32 के डायरेक्टर प्रिंसिपल की अध्यक्षता में पीजी कमेटी ने 27 जुलाई को इस मुद्दे को लेकर एक बैठक की और काउंसलिंग के लिए मौजूदा प्रक्रिया और क्रम को जारी रखने का सुझाव दिया। हालांकि, सचिव स्वास्थ्य ने इन सिफारिशों को स्वीकार नहीं किया है।
पूरी प्रक्रिया एक नजर में
कुल सीटें-148 (ईडब्ल्यूएस के लिए 4 सीटों सहित) को अल इंडिया कोटा (72 सीटें) और राज्य कोटा (72 + 4 ईडब्ल्यूएस) सीटों में विभाजित किया गया है।
राज्य कोटा को दो पूलों में विभाजित किया गया है
संस्थागत वरीयता पूल- 36+2 सीटें
आरक्षित (एससी) 15%=5 सीटें
जनरल-31 सीटें
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग-2 सीटें
यूटी चंडीगढ़ पूल-36+2 सीटें
आरक्षित (एससी) 15%=6 सीटें
जनरल-30 सीटें
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग-2 सीटें
कुल = 72+ (4 ईडब्ल्यूएस सीटें), आरक्षित = 11, सामान्य = 61, ईडब्ल्यूएस = 4