सेक्टर 32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल (जीएमसीएच) के कम्युनिटी मेडिसिन डिपार्टमेंट में कार्यरत डा. मीनल मधुकर ठाकरे को बिजली चोरी का दोषी माना गया है। जीएमसीएच 32 ने उनसे बिजली के एक लाख 37 हजार 408 रुपये जमा करने के आदेश दिए हैं। हालांकि शिकायतकर्ता इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि डा. मीनल पर साधारण बिजली के रेट लगाए गए हैं। उन्होंने संस्थान के जेनरेटर का भी इस्तेमाल किया है। उसकी पेनाल्टी नहीं लगाई गई। इस बारे में दोबारा से शिकायत की जाएगी।
एंटी करप्शन फ्रंट यूटी के कन्वीनर वीबी खन्ना ने होम सेक्रेटरी और चीफ इंजीनियर को बिजली चोरी की शिकायत दी थी। उसके बाद जीएमसीएच 32 ने कमेटी गठित की। कमेटी ने अपनी जांच में डा. मीनल को दोषी पाया है। शिकायत के मुताबिक डा. मीनल मधुकर जीएमसीएच 32 के पल्सौरा स्थित रूरल हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर (आरएचटीसी) की इंचार्ज हैं। उन्हें वहीं पर रहने की परमिशन दी गई है। उन पर आरोप है कि आरएचटीसी की जो बिजली सप्लाई हो रही थी, उसी कनेक्शन से उनके घर की बिजली रोशन हो रही थी।
शिकायतकर्ता का कहना था कि डा. मीनल को सिर्फ रहने की परमिशन दी गई थी। बिजली और पानी के लिए अलग से कनेक्शन लेना था, जबकि वे सेंटर को दी जा रही बिजली से ही काम चला रही थी, जो गैरकानूनी है। इस बारे में डा. मीनल का कहना है कि कुछ लोग उनकी इमेज को खराब कर रहे हैं। साल 2006 से ही हास्पिटल और रेजिडेंशियल का मीटर एक ही है। उनके अलावा तीन अन्य डाक्टर भी इसी तरह से अपने घर की बिजली चला रहे हैं। उनसे इस बारे में कुछ भी नहीं पूछा गया है। कई बार जीएमसीएच प्रशासन को अलग से मीटर लगाने की गुजारिश थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि उन पर गलत जुर्माना लगाया गया है। इस मुद्दे को जीएमसीएच प्रशासन के सामने उठाएंगे।