चंडीगढ़। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) सेक्टर-32 में एक्सपायरी किट मामले में आउटसोर्स पर तैनात पांच कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया। इसके विरोध में जीएमसीएच ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बैनर तले कर्मचारियों ने बुधवार को हड़ताल की घोषणा कर दी है। नाैकरी से निकाले जाने पर एक महिला कर्मचारी की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती किया गया है। उधर, पांच कर्मचारियों के निकाले जाने के बारे में अस्पताल प्रशासन ने चुप्पी साध ली है। संस्थान का कोई भी अधिकारी इस बारे में बोलने को तैयार नहीं है। जीएमसीएच ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रधान सुखबीर सिंह ने बताया कि साल 2010 से 2015 के बीच अस्पताल के जेनेटिक विभाग में ब्लड टेस्टिंग किट खरीदी गई थी। वह किट जब टेस्टिंग के लिए इस्तेमाल की गई उसकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। अब 2023 में इस केस में कार्रवाई की गई है। इसमें जांच कमेटी ने बिना जांच पड़ताल किए आउटसोर्स पर तैनात पांच कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है जबकि इन कर्मचारियों की अस्पताल में नियुक्ति 2016 से लेकर 2019 के बीच हुई। इन कर्मचारियों का काम सिर्फ ब्लड सैंपल कलेक्ट करना था जबकि सैंपल लेने के बाद की आगे की प्रक्रिया नियमित कर्मचारी और डॉक्टरों के जिम्मे है लेकिन इस मामले में नियमित कर्मचारियों को बचाने के लिए आउटसोर्स वर्करों को नौकरी से निकाला गया है। जब इस बारे में ज्वाइंट एक्शन कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने डायरेक्टर प्रिंसिपल से बैठक के लिए समय मांगा गया तो उन्होंने बैठक करने से मना कर दिया। निकाले गए पांच कर्मचारियों में से मंगलवार को एक वर्कर बेहोश होकर गिर पड़ी, जिसके बाद उसे अस्पताल के इमरजेंसी में भर्ती करवाना पड़ा।
जीएमसीएच ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने फैसला लिया है कि 9 अगस्त को दोपहर 1 बजे जीएमसीएच में कार्यरत सभी विभागों के आउटसोर्स वर्कर इकट्ठे होकर धरना प्रदर्शन करेंगे। निकाले गए पांच कर्मचारियों को नौकरी पर नहीं रखा गया तो अस्पताल के सभी आउटसोर्स कर्मचारी हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर हो जाएंगे। ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने अस्पताल के ज्वाइंट डायरेक्टर शंभू राठी से मांग की है कि वे मामले की जांच विजिलेंस विभाग से करवाएं और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए।