फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: जीएमसीएच-32 प्रशासन ने लॉन्ड्री का ठेका बदला, कर्मचारियों की नौकरी गई

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 में ठेके पर लॉन्ड्री का काम कर रहे कर्मचारियों को शुक्रवार को नौकरी से निकाल दिया गया। साथ ही अस्पताल प्रशासन ने ठेका बदलकर जीएमएसएच-16 के ठेकेदार को दे दिया। इससे वर्षों से काम कर रहे लॉन्ड्रीकर्मी परेशान हैं।बता दें कि ठेकेदार की ओर से तनख्वाह में भेदभाव और देरी को लेकर लॉन्ड्री कर्मचारी कुछ दिन से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। कर्मचारियों के काम पर न आने के कारण अस्पताल के छह हाउसकीपिंग और अटेंडेंट को लॉन्ड्री प्लांट में लॉन्ड्री के लिए लगाया गया लेकिन उनकी ट्रेनिंग नहीं होने के कारण वॉर्ड से गंदे कपड़ों को ना तो उठाया जा सका और न ही साफ कपड़ों को भेजा जा सका। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने शुक्रवार शाम को बैठक कर ठेका बदल दिया। अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी पत्र के अनुसार, जीएमएसएच-16 के ठेकेदार को अब काम सौंप दिया गया है।
विज्ञापन

वहीं, ठेका बदलने के बाद पुराने लॉन्ड्री कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि वह अस्पताल में पिछले पांच से दस साल से सेवाएं दे रहे थे। हर साल ठेका बदलने के साथ ही उन्हें वापस नौकरी पर रख लिया जाता था लेकिन इस बार उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है। उन्होंने बताया कि बीते दिनों जीएमसीएच-32 में सबमर्सिबल पंप के खराब होने के कारण कपड़े धोने में परेशानी हो रही थी। पूरी तनख्वाह न मिलने के चलते वह लोग विरोध कर रहे थे। उनकी मांग है कि अस्पताल में उनकी बहाली की जाए।
इस संबंध में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट सुधीर गर्ग का कहना है कि कर्मचारियों के तनख्वाह का मसला ठेकेदार का है। अस्पताल प्रशासन का नहीं, क्योंकि उन्हें नौकरी पर ठेकेदार की ओर से रखा गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें