अपनी बिल्डिंग बचाने के लिए गमाडा ने शुक्रवार को अदालत में करीब पचास करोड़ रुपये जमा कराए। सेक्टर 81 के लिए एक्वायर की गई जमीनों को लेकर किसानों द्वारा किए केस की सुनवाई के दौरान शुक्रवार को गमाडा ने यह रकम जमा कराई। केस की अगली सुनवाई शनिवार को है।
जानकारी के मुताबिक गमाडा ने गांव चिल्ला के चालीस जमीन मालिकों की एक्वायर की गई जमीनों के बदले में उनका 28.25 करोड़ रुपये मुआवजा अदालत में जमा कराया।
गांव मौली बैदवान के 22 किसानों की एक्वायर की गई जमीन के एवज में 21.27 करोड़ रुपये बतौर मुआवजा अदालत में जमा कराया है। गमाडा के मुताबिक उसने मुआवजे की आधी रकम जमा करा दी है।
उधर, जमीन मालिकों का कहना है कि यह रकम 40 प्रतिशत है। अदालत में केस की अगली सुनवाई शनिवार को होगी, जिसमें जमीन मालिक अपनी दलील रखेंगे कि गमाडा ने कितनी रकम जमा कराई है।
गौरतलब है कि गमाडा ने 2007 में सेक्टर 81 विकसित करने के लिए चिल्ला, मौली बैदवान व कुंभड़ा गांवों की 276.25 एकड़ जमीन एक्वायर की थी। इसके मुआवजे की राशि तीन सौ करोड़ से भी ज्यादा थी।
परंतु गमाडा ने किसानों को मुआवजा नहीं दिया। जमीन मालिकों ने जिला अदालत में केस कर दिया। कुछ समय पहले केस की सुनवाई के दौरान अदालत ने आदेश दिया था कि अगर गमाडा के पास किसानों का मुआवजा देने के लिए पैसे नहीं हैं, तो वह अपनी बिल्डिंग बेच दे। इसके बाद आनन-फानन में अगली सुनवाइयों के दौरान गमाडा ने रकम जमा कराई। हालांकि अभी काफी रकम बकाया है।