हरियाणा में बर्ड फ्लू के दस्तक के बाद अंबाला जिले के लालपुर गांव के घोड़ों में ग्लेंडर बीमारी मिली है। पशुपालन विभाग की तरफ से लिए गए नमूनों की जांच में बीमारी की पुष्टि हुई है। पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अंबाला के तीन गांवों लालपुर, कुराली व असौदी से अश्व प्रजाति के पशुओं से ग्लेंडर बीमारी की जांच के लिए नमूने लिए थे।
गांव लालपुर से लिए नमूने पॉजिटिव मिले हैं। घोड़ा, गधा और खच्चर में ये बीमारी बेहद घातक है। अंबाला में इसे नियंत्रित करने के लिए पशुओं को लाने ले जाने, पशु मेलों, घोड़ों की दौड़ व प्रदर्शनी पर रोक लगा दी गई है। इस बीमारी में घोड़ों की नाक से हरे रंग की लार निकलती है। लालपुर गांव के एक किलोमीटर दायरे के सभी अश्व फार्म में स्थित घोड़ों व लोगों के पास मौजूद घोड़ों, खच्चर व गधों के नमूने लिए जाएंगे।
अगर बीमारी से ग्रसित घोड़ों के सीधे संपर्क में कोई आता है तो वह इस बीमारी का शिकार हो सकता है। बीमारी को काबू करने के लिए लालपुर व इसके एक किलोमीटर दायरे में आने वाले क्षेत्र को नियंत्रित क्षेत्र घोषित किया गया है। मंत्री ने लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी और कहा कि अगर किसी भी व्यक्ति के पास घोड़े हैं और उनकी नाक से हरे रंग की लार निकलती है तो तुरंत पशुपालन विभाग को सूचित करें।
हरियाणा में बर्ड फ्लू की पुष्टि, तीन में से दो रिपोर्ट पॉजिटिव
हिमाचल व अन्य प्रदेशों के बाद हरियाणा में भी बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। पंचकूला जिले के तीन पोल्ट्री फार्म में से दो के नमूने जांच में पॉजिटिव मिले हैं। पशुपालन विभाग ने राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान, भोपाल की लैब में जांच के लिए नमूनों को भेजा था। दो नमूनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जालंधर लैब की पहली रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं हुई थी।
पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंचकूला जिले के रायपुररानी कस्बे के गांव खेड़ी में सिद्धार्थ पोल्ट्री फार्म और नेचर पोल्ट्री फार्म डांडलावर गांव घनौली की मुर्गियों में बर्ड फ्लू मिला है। इनमें मरी हुई 5-5 मुर्गियों के नमूने लिए गए थे। जिनमें एच5एन8 इन्फ्लूएंजा पाया गया है। यह ज्यादा घातक नहीं है। एच5एन1 इन्फ्लूएंजा सबसे घातक माना जाता है। एसकेएम पोल्ट्री फार्म गांव मौली, पंचकूला की रिपोर्ट निगेटिव आई है।