चंडीगढ़। पंजाब राजभवन में वीरवार को चंडीगढ़ के कॉलेजों को स्वायत्त बनाने के विषय पर एक संगोष्ठी हुई। यह कार्यक्रम चंडीगढ़ प्रशासन के उच्च शिक्षा विभाग की तरफ से किया गया, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति की दिशा में उच्च शिक्षा संस्थानों को सशक्त बनाना रहा।
कार्यक्रम का उद्घाटन यूटी प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने किया। उन्होंने एनईपी 2020 के उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि कॉलेजों को शिक्षा की गुणवत्ता, लचीलापन और समाज व छात्रों की बदलती जरूरतों के अनुरूप कार्य करने के लिए स्वायत्तता देना समय की मांग है। संस्थानों को भविष्य के लिए तैयार रहना होगा। एनईपी 2020 उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को बढ़ाने के लिए स्पष्ट मार्गदर्शन प्रदान करता है। हमें इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। कार्यक्रम में विशेषज्ञों के एक विशिष्ट पैनल ने भाग लिया। यूजीसी के संयुक्त सचिव डॉ. आर मनोज कुमार ने स्वायत्त कॉलेजों के प्रमोशन में यूजीसी की भूमिका पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इस मौके पर पुणे के फर्ग्युसन कॉलेज की पूर्व प्रिंसिपल डॉ. रविंद्र सिंह, पीयू की वीसी प्रो. रेनू विग, राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक प्रताप सिंह, शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी, प्रशासक के विशेष सचिव अभिजीत विजय चौधरी, उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक रुबिंदरजीत सिंह व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।