चंडीगढ़/मोहाली/पंचकूला। हिट एंड रन कानून के खिलाफ ट्रक-टैंकर चालकों की देशव्यापी हड़ताल के दूसरे दिन ट्राइसिटी में डीजल-पेट्रोल के लिए मारामारी मच गई। मंगलवार सुबह से ही चंडीगढ़, पंचकूला व मोहाली में पेट्रोल पंपों पर वाहनों की कतारें लग गईं। दोपहर होते-होते हालात बेकाबू हो गए। पंपों के बाहर सड़क पर आधे से एक किमी लंबी लाइन लग गई। शाम तक 80 फीसदी पंपों पर तेल खत्म हो गया। बिगड़े हालात को देखते हुए यूटी प्रशासन ने तेल भरवाने के लिए नियम तय कर दिए।
चंडीगढ़ में अब लोग दोपहिया वाहनों में सिर्फ दो लीटर (अधिकतम मूल्य 200 रुपये) और चारपहिया वाहनों में केवल पांच लीटर ही तेल (अधिकतम मूल्य 500 रुपये) भरवा सकेंगे। डीसी चंडीगढ़ विनय प्रताप सिंह की ओर से यह आदेश जारी कर इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। यह व्यवस्था हालात सामान्य होने तक लागू रहेगी।
उधर, नगर निगम ने भी मंगलवार दोपहर अपने सभी पंपों पर डीजल बेचना बंद कर दिया और तेल को सरकारी गाड़ियों के लिए आरक्षित कर लिया। साथ ही अपने कर्मचारियों को भी निर्देश दे दिया कि वे सार्वजनिक परिवहन या साइकिल से दफ्तर आएंगे। हालांकि रात को हड़ताल खत्म होने के बाद भारत पेट्रोलियम कंपनी लिमिटेड (बीपीसीएल) के लालड़ू प्लांट से तेल व रसोई गैस की आपूर्ति फिर से शुरू हो गई। इससे लोगों को आज से राहत मिल जाएगी।
ट्राइसिटी में सोमवार देर शाम तक पेट्रोप पंपों पर स्थिति बिल्कुल सामान्य थी। देर रात जैसे ही लोगों को ट्रक चालकों की हड़ताल के बारे में पता चला तो कई लोगों ने रात में ही पंपों पर पहुंचकर वाहनों में तेल भरवा लिया। मंगलवार सुबह हड़ताल की खबर तेजी से फैली और पेट्रोल पंपों पर वाहनों की कतारें लगने लगीं। सोशल मीडिया पर तेल खत्म होने की अफवाह फैल गई। इसके बाद तो पंपों के बाहर वाहनों की लाइनें लग गईं।
चंडीगढ़ सेक्टर-21, 28, 9, 7, 34 समेत कई पंपों पर भारी भीड़ जुटी। सड़कें जाम हो गईं। लोगों ने दो से तीन घंटे लाइन में लगकर तेल भरवाया। सिर्फ चंडीगढ़ ही नहीं, बलटाना, जीरकपुर, मोहाली समेत आसपास के कई इलाकों से तेल भरवाने के लिए लोग चंडीगढ़ पहुंच गए। लोगों ने बोतल, केनियों के साथ ड्रमों में भी जबरन तेल भरवाया। कई जगह पेट्रोल के लिए लोग झगड़ते भी दिखे, जिसके चलते कुछ पंपों पर पुलिसकर्मी तैनात करने पड़े।
चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान जसवीर सिंह गिल ने बताया कि पंपों तक तेल पहुंचाने वाले टैंकरों के चालकों की अपनी अलग एसोसिएशन है। उन्होंने अपने स्तर पर हड़ताल की है। पंजाब में सरकार ने चालकों को मना लिया है। ऐसे में जो सप्लाई पंजाब से आती है, वह आनी शुरू हो जाएगी। इससे लोगों को राहत मिलेगी।
निगम का निर्देश-सार्वजनिक वाहनों से आएं कर्मचारी
नगर निगम के शहर में दो पेट्रोल पंप हैं, जहां से निगम की सभी गाड़ियों में डीजल भरा जाता है। तेल की कमी को देखते हुए मंगलवार दोपहर निगम ने आदेश जारी कर अपनी सभी गाड़ियों के लिए डीजल आरक्षित कर लिया। इसके बाद आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने आदेश जारी किया कि आपातकाल सेवाओं में लगी गाड़ियों को डीजल मिल सके, इसलिए व्यक्तिगत सभी को अपने इस्तेमाल को कम करने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिए कि स्थिति के सुधरने तक कार पूलिंग, साइकिल, सार्वजनिक परिवहन आदि का इस्तेमाल करके दफ्तर आएं।
दोपहर में मध्य मार्ग हो गया जाम
पेट्रोल पंपों पर दूर-दूर तक वाहनों की कतार की वजह से ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई। मंगलवार को लोग उन गाड़ियों को भी लेकर पंपों पर पहुंच गए जो अक्सर घरों में खड़ी रहतीं हैं। इसकी वजह से दोपहर में मध्य मार्ग जाम हो गया। मटका चौक से प्रेस लाइट प्वाइंट की तरफ की सड़क पूरी तरह से जाम होने से लोगों को काफी परेशानी हुई। शहर की कई अंदरूनी सड़कों पर भी जाम लग गया। इस बीच कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल खत्म होने का नोटिस चिपका दिया गया। इसके बावजूद कई लोग वहां पर लाइन लगाकर खड़े रहे।