चंडीगढ़। अब ओ जमाना लद गया जब रामलीला में सभी पात्र पुरुष ही होते थे। अब लड़कियां भी आगे आ रही हैं। उत्तराखंड युवा समिति की ओर से इस बार आयोजित होने वाली रामलीला में ताड़का वध तक राम और लक्ष्मण की भूमिका भी लड़कियां ही निभाएंगी। संस्था की ओर से सेक्टर- 28 में 26 सितंबर से रामलीला का मंचन होगा। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं।
रामलीला में पहले सीता, सबरी, अहिल्या, मंदोदरी, कैकेयी, तारा, पार्वती और सीता की सखियां भी लड़के ही बनते थे लेकिन अब काफी बदलाव आया है। अब काफी संख्या में लड़कियां रामलीला में रोल के लिए आ रही हैं। रामलीला के मंच पर आरती के दौरान नौ देवियां भी लड़कियां ही बनेंगी।
उत्तराखंड युवा समिति के महासचिव अभिषेक शर्मा ने बताया कि रामलीला का रिहर्सल तेजी से चल रहा है। सभी पात्र समय पर पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को रामलीला से जोड़ने से उनका परिवार भी जुड़ता है। रामलीला में स्थानीय बच्चों को प्राथमिकता दी जाती है।
ये बनेंगी राम और लक्ष्मण
राम और लक्ष्मण की भूमिका में ग्यारहवीं की छात्रा गौरी राम जबकि छठी कक्षा में पढ़ने वाली जायना लक्ष्मण की भूमिका निभाएंगी। ये दोनों लड़कियां ताड़का वध तक सीन में राम लक्ष्मण के रूप में रहेंगी। यह रामलीला में नया प्रयोग है।
गौरी में कई नाटकों पर किया है काम
गौरी ने कई नाटकों में काम किया है। वह राम का रोल पहली बार निभाएंगी। छठी कक्षा की छात्रा जायना पिछले वर्ष इसी रामलीला में सीता की सखी की भूमिका निभाई थी। पिछले वर्ष काफी मेहनत के बाद कमेटी के पदाधिकारियों ने प्रमोशन कर लक्ष्मण का रोल दिया है। जायना अपने काम में काफी सक्रिय रहती हैं।
रामलीला पर महंगाई की मार
अभिषेक शर्मा का कहना है कि पिछले वर्ष साढ़े चार लाख रुपये का खर्च आया था। इस वर्ष करीब छह लाख का खर्च है। सेट, लाइट और साउंड पर पिछले वर्ष करीब एक लाख 35 हजार रुपये का खर्च था। इस वर्ष एक लाख 75 हजार का खर्च है। पिछले वर्ष दिल्ली से 40 हजार रुपये का पोशाक मंगाया था। इस बार 90 हजार रुपये का खर्च है। रामलीला में 55 से 60 लोग हैं। कॉस्मेटिक के सामान भी काफी महंगा हो गया है। ब्रांडेड सामान मंगाने पर तीन हजार से पांच हजार रुपये का खर्च आता है।