घरौंडा: 04 मई शहर के खाद्य आपूर्ति कार्यालय में बनाया गया राशन भंडारण केंद्र जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान साबित हुआ है। लॉकडाउन के 40 दिनों के दौरान आज तक करीब ढाई हजार जरूरतमंद परिवारों तक राशन किट पहुंचाई गई है और यह सिलसिला लॉकडाउन समाप्त होने तक जारी रहेगा। जानकारी के मुताबिक, राशन किट सिर्फ उन परिवारों को दी जाती है, जिनका किसी भी सरकारी राशन योजना में नाम नहीं है। कोरोना महामारी की वजह से लगे लॉकडाउन में सैंकड़ों प्रवासी परिवार घरौंडा क्षेत्र में फंस गए। काम धंधे बंद होने से गरीब तबके के सामने भी रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया। लॉकडाउन लगने के बाद ही विधायक हरविंद्र कल्याण ने प्रशासनिक अधिकारियों और शहर के समाजसेवियों की बैठक ली। जिसमें जरूरतमंदों के लिए राशन एकत्रित करने की अपील की गई। इस अपील पर समाजिक संस्थाएं, व्यापारी और समाजसेवी आगे आए। इन लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाए और जरूरतमंदों के लिए खुला राशन व राशन किट दी। प्रशासनिक अधिकारियों ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के गोदाम को राशन भंडारण केंद्र बनाया था, ताकि एक ही स्थान से राशन किट की सप्लाई हो सके। साथ ही भंडारण केंद्र की व्यवस्था संभालने के लिए समाजसेवियों की ही ड्यूटी लगाई गई थी। विधायक के निर्देश पर शुरू हुई यह कवायद जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान से कम नहीं। इससे सिर्फ उन्हीं लोगों को राशन किट पहुंची, जिनको वास्तव में जरूरत थी। सरकारी योजनाओं को लाभ लेने वाले लोगों को इससे बाहर रखा गया है। केंद्र में ड्यूटी दे रहे स्वयंसेवक पुरूषोतम सेठी, मोहिंद्र सोनी, विनोद जिंदल, पवन जैन, राजकुमार पालीवाल, अंकित जैन, राजीव भार्गव, मंगल सेन, विभोर व अन्य का कहना है कि पीएम, सीएम, एसडीएम और टोल फ्री नंबर 1950 के माध्यम से जो भी लिस्ट आती है। उनको पहले चैक किया जाता है कि संबंधित व्यक्ति किसी सरकारी योजना का लाभ पहले से तो नहीं ले रहा है। उसके 24 घंटे के अंदर-अंदर संबंधित व्यक्ति तक राशन किट पहुंचा दी जाती है। अभी तक लगभग ढाई हजार लोगों तक राशन किट पहुंचाई गई। समाजसेवियों द्वारा भी लगातार राशन भिजवाया जा रहा है। भंडारण में किसी तरह के राशन की कमी नहीं है। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन की भी देखरेख इस कार्य में रहती है। किट में दिया जाता है यह राशन- राशन भंडार केंद्र से जो राशन किट जरूरतमंद परिवार तक भिजवाई जाती है। उसमें आटा पांच किलो, चावल पांच किलो, दाल एक किलो, चीनी एक किलो, हल्दी, नमक, मिर्च और साबुन, सरसों का तेल होता है। यह सामान 10 से 15 दिन के लिए पर्याप्त होता है। स्वयं सेवकों के मुताबिक, राशन किट ज्यादातर फाटक पार, भोला कालोनी, वाल्मीकि मोहल्ला, तेलू सिंह, बालीनगर व कोहंड के साथ-साथ अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में जा रही है। फोटो कैप्शन-खाद्य आपूर्ति विभाग के भंडारण में जरूरतमंदों के लिए रखी गई राशन किट