माडर्न जेल कपूरथला में 20 दिन में तीसरी गैंगवार की घटना ने जेल प्रशासन पर सवालिया निशान लगा दिया है। शनिवार देर शाम दो गुटों में हुए विवाद में पांच हवालाती गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इनमें से तीन घायलों को सिविल अस्पताल कपूरथला और दो को जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों के सिर पर गहरी चोटें आई हैं।
सिविल अस्पताल में उपचाराधीन 302 में बंद हवालाती मनजिंदर सिंह पुत्र बलबीर सिंह निवासी गांव खोजा भोगपुर जालंधर और 307 में बंद कमलजीत सिंह पुत्र अविनाश सिंह निवासी बस्ती शेखां जालंधर ने बताया कि शनिवार शाम वह दोनों अपने साथियों, कुलविंदर सिंह, रॉकी, नेकी और पवित्र सिंह के साथ जेल के अस्पताल से दवा लेकर आ रहे थे। इस दौरान गोगा, शेखर, आरजू, दीपू, घुग्गी, राजबीर, वरुण समेत 40-50 कैदियों ने रंजिशन राडों और लोहे की पाइपों से उन पर हमला कर दिया। इसमें वह दोनों, कुलविंदर सिंह, रॉकी, नेकी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। रॉकी और नेकी जेल के अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि पवित्र ठीक है, जो बैरक में ही बंद है।
मनजिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि वह चार अप्रैल को जेल में आया है। उसकी किसी से रंजिश नहीं है। इसके बावजूद उस पर हमला हुआ है। कमलजीत सिंह ने जेल के डीएसपी इकबाल सिंह धालीवाल पर आरोप लगाया कि वह 20 हजार से 40 हजार रुपये लेकर चक्की में बंद गैंगस्टरों को खोल देते हैं, जो जेल में उत्पात मचाते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डीएसपी धालीवाल छह साल से यहीं पर तैनात हैं। उनकी शह पर हवालातियों पर हमला होता है। उसने कहा कि जब 50 कैदी उन पर हमला कर रहे थे, उस समय उनकी सुरक्षा में केवल चार मुलाजिम ही तैनात थे। यह सब जेल प्रशासन की मिलीभगत से हो रहा है।