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पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर हमले की साजिश रचने वाले गैंगस्टर का गुर्गा काबू

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मोहाली। पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर हुए आरपीजी हमले के मुख्य आरोपी विदेश में बैठे गैंगस्टर लखवीर सिंह उर्फ लंडा के करीबी गुर्गे को स्पेशल ऑपरेशन सेल ने 103 ग्राम हेरोइन समेत खरड़ से दबोचा है। आरोपी की पहचान अनमोल दीप सोनी निवासी तरनतारन के रूप में हुई है। उसे मंगलवार को अदालत में पेश करके एक दिन का रिमांड लिया गया। वहीं, पुलिस ने आरोपी की महिला दोस्त नवनीत कौर को भी हिरासत में ले लिया है और नामजद करने की प्रक्रिया पूरी करने में पुलिस जुटी हुई है।
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आरोपी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा समर्थित लखबीर सिंह उर्फ लंडा ग्रुप का सक्रिय सदस्य था। वह पंजाब समेत कई राज्यों में नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी में अहम भूमिका निभाता रहा है। इसके दो अन्य साथी नछत्तर सिंह निवासी गांव भठेल सहेजा सिंह थाना चोटिया साहिब तरनतारन व एक अन्य को तरनतारन पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
स्पेशल ऑपरेशन सेल की टीम को सूचना मिली थी कि आरोपी खरड़ स्थित गुरु तेग बहादुर नगर में अपनी महिला दोस्त नवनीत कौर के स्टूडियो फ्लैट में छिपा हुआ है। साथ ही विदेश में बैठे अपने प्रमुख के संपर्क में है। इसके बाद स्पेशल ऑपरेशन सेल की टीम ने पूरी रणनीति के साथ काबू किया। जब इसके फ्लैट की तलाशी ली तो वहां से 103 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इसके बाद टीम ने उसे दबोच लिया। साथ ही सीआईए स्टाफ लाकर पूछताछ की। इसमें उसने बताया है कि उसे लखवीर सिंह उर्फ लंडा जो भी आदेश देता था, उस पर वह काम करता था।
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सूत्रों के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि पंजाब पुलिस के मुख्यालय पर हमले के लिए करीब 25 सदस्यों की टीम बनाई थी। इसके में प्रत्येक व्यक्ति को काम सौंपा गया था। हमले की रेकी से हथियार देने वाले सबकी अलग भूमिका थी। कोई सीधे एक-दूसरे के संपर्क में नहीं था। आरोपी की महिला मित्र को पुलिस राउंडअप कर पूछताछ कर रही है।
आईएसआई के इशारे पर करता था काम
लखबीर सिंह उर्फ लंडा गैर-कानूनी गतिविधियों में सक्रिय है। वह पाक की एजेंसी आईएसआई के सीधे संपर्क में है। उसके इशारे पर ही वह सारी वारदातों को अंजाम देता है। इतना ही नहीं, उसकी सारी वारदातों में एजेंसी मदद करती है। सारे नशीले पदार्थों की तस्करी में भूमिका निभाता है। इतना ही नहीं गिरोह के मेंबरों को वारदातों को अंजाम देने से पहले शरण देने की भूमिका भी निभाता है।
ऐसे हुआ था हमला
9 मई 2022 को सेक्टर-77 स्थित पंजाब पुलिस के मुख्यालय पर आरपीजी हमला हुआ था। हमले के तुरंत बाद पंजाब पुलिस इसे आतंकी हमला तक मानने को तैयार नहीं थी। हालांकि बाद में आरपीजी हमला मान लिया गया। इसके बाद बाद पता चला था कि आरपीजी हमले में टीएनटी (ट्राइनाइट्रो टोलीन) पदार्थ का प्रयोग हुआ था। इसके बाद पुलिस ने गिरोह के कुछ सदस्य काबू किए थे। इनसे पूछताछ में साफ हुआ था कि पाक में हमले की साजिश रची गई थी। इसमें रिंदा और लंडा समेत कई गैंगस्टर शामिल थे। उनके इशारे पर ही सारी वारदात को अंजाम दिया गया था।
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