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अंकित भादू तो ढेर कर दिया, पर अब पुलिस को 7 और गैंगस्टरों की तलाश है...5 बड़े खुलासे

Sat, 09 Feb 2019 11:27 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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गैंगस्टर अंकित भादू का एनकाउंटर
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लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गैंगस्टर अंकित भादू को तो ढेर कर दिया, लेकिन पुलिस अभी 7 और गैंगस्टरों की तलाश है। वहीं एनकाउंटर पर कई खुलासे हुए हैं। पंजाब पुलिस को अब  सात ओर गैंगस्टरों सुखप्रीत उर्फ हैरी, गुरप्रीत उर्फ  गोगी, जयपाल, कश्मीरा सिंह, हरविंदर उर्फ रिंदा, शुभम और सुखप्रीत उर्फ बुड्ढा की तलाश है।
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आर्गेनाइज्ड क्राइम कंट्रोल यूनिट (ओसीसीयू) के आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने बताया कि अबोहर के शेरावाला गांव के अंकित भादू पर राजस्थान पुलिस ने एक लाख, पंजाब पुलिस ने दो लाख और हरियाणा पुलिस ने भी इनाम घोषित किया हुआ था। भादू हत्या और गैंग किलिंग के सात मामलों में वांछित था। उसके कब्जे से तीन पिस्टल, एक मैगनम .357 पिस्टल (जो भारत में निषेध है और तस्करी के जरिए लाई जाती है) के अलावा मैगनम के 35, 9 एमएम पिस्टल के 8 और .32 बोर के 10 कारतूस बरामद किए गए। उसके दो साथियों जर्मनजीत और गुररिंदर को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है।

शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में जीरकपुर के पीरमुच्छल्ला स्थित महालक्ष्मी टावर में हुए एनकाउंटर की जानकारी देते हुए आईजी सिंह ने बताया कि छापामार टीम ने पांच बार भादू को सरेंडर करने को कहा लेकिन जवाब में वह एक-दो-तीन कहते हुए पुलिस टीम पर लगातार फायर करता रहा। इस दौरान एएसआई सुखविंदर सिंह की छाती पर कई गोलियां लगीं। हालांकि बुलेटप्रूफ जैकेट से उनका बचाव हो गया। लेकिन एक गोली उनकी बायीं जांघ से आर पार निकल गई, जिसके लिए शुक्रवार दोपहर उनका आपरेशन किया गया।
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बचने के लिए भादू ने दो बच्चियों को बंधक बनाया

आईजी ने घटना का सिलसिलेवार विवरण देते हुए बताया कि जब पुलिस टीम पहुंची तो भादू टावर की तीसरी मंजिल पर था। वहां से बचकर निकलने के लिए उसने दूसरी मंजिल पर छलांग लगा दी। वहां रह रहे पीयूष नामक व्यक्ति और उनकी दो छोटी बेटियों को भादू ने बंधक बना लिया।

पुलिस टीम ने बंधकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए काफी संयम बरता और भादू को सरेंडर करने के लिए बार-बार कहा। इसी दौरान कमांडो ने कार्रवाई करते हुए बंधकों को मुक्त करा लिया गया। हालांकि इस कार्रवाई के दौरान दोनों बच्चियों को मामूली चोटें आई हैं लेकिन वे खतरे से बाहर हैं। यह पूछे जाने पर कि भादू पीरमुच्छल्ला में कब से रह रहा था और किराए पर मकान लेने के बारे में स्थानीय पुलिस को क्या खबर थी?

आईजी ने बताया कि महालक्ष्मी टावर में जर्मनजीत ने पिछले साल अक्तूबर में मकान किराए पर लिया था। भादू उसके पास आता जाता था। उन्होंने बताया कि अपराधियों के मकान किराए पर लेकर रहने के बारे स्थानीय पुलिस को जानकारी थी या नहीं, इस संबंध में छानबीन की जा रही है।
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इन हत्याओं में वांछित था भादू

आईजी ने बताया कि भादू ने 6 फरवरी को बहादुरगढ़ में अजय उर्फ  डंका को मारा। उससे पहले 12 मई 2018 को यमुनानगर में जार्डन की हत्या भी उसी ने की। सितंबर 2017 में भादू ने बनूड़ के निकट हत्या की एक वारदात को अंजाम दिया। दिसंबर 2017 में गंगानगर में पंकज सोनी नामक व्यक्ति की हत्या की। चुरू कोर्ट में भी भादू ने जनवरी 2018 में अजय जैतपुरा पर हमला किया था।

पिछले साल 64 गैंगस्टरों को किया गिरफ्तार
आईजी ने बताया कि बीते साल 64 गैंगस्टरों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें से चार-पांच गैंगस्टर ऐसे भी हैं, जिन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया था। आईजी ने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता गैंगस्टरों का एनकाउंटर नहीं है और ऐसी कार्रवाई जवाब में ही करनी पड़ती है। इस मौके पर आईजी ने सभी गैंगस्टरों को आत्मसमर्पण करने की अपील करते हुए कहा कि कानून के तहत उनके खिलाफ बनती कार्रवाई ही की जाएगी।
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