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Chandigarh News: बुजुर्ग दंपती से 75 लाख रुपये ठगने वाले गिरोह का खुलासा, एक काबू

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चंडीगढ़। भतीजे के कनाडा की जेल में बंद होने की बात कहकर चंडीगढ़ निवासी बुजुर्ग दंपती से 75 लाख की ठगी के मामले में साइबर थाना पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का भंडाफोड़ किया है। आरोपी की पहचान जिला मोतिहारी (बिहार) के ईस्ट चंपारन की गंधक कॉलोनी निवासी आदर्श सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे चार दिन के रिमांड पर भेज दिया गया। एसपी साइबर क्राइम केतन बंसल ने सोमवार को पत्रकारवार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह गिरोह सऊदी अरब से संचालित हो रहा है। इस अवसर पर डीएसपी साइबर क्राइम ए. वेंकटेश और साइबर थाना प्रभारी रणजीत सिंह भी उपस्थित रहे। सेक्टर-46ए निवासी भाग सिंह और उनकी पत्नी जगदीश कौर ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनका भतीजा पम्मा कनाडा में रहता है। 13 दिसंबर 2023 को उनके पास एक व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने बताया कि कनाडा में रहने वाला उनका भतीजा जेल में बंद है।
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उसी दिन बुजुर्ग दंपती को एक अन्य नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम राहुल बताते हुए कहा कि अगर पम्मा को जेल से बाहर निकलवाना है तो उसके लिए रुपये देने पड़ेंगे। इस पर भाग सिंह और उनकी पत्नी जगदीश कौर ने 13, 14 और 15 दिसंबर को अलग-अलग बैंक खातों में 75 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद उन्हें अहसास हुआ कि उनके साथ ठगी की गई है। इस पर उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद इस मामले में कार्रवाई करते हुए आदर्श सिंह को गिरफ्तार किया है।


क्रिप्टो करेंसी के जरिए सरगना तक पहुंचती है रकम
पूछताछ में आदर्श सिंह ने पुलिस को बताया कि उसके हैंडलर सऊदी अरब में रहते हैं और वहीं से यह गैंग संचालित किया जा रहा है। भारत में आदर्श सिंह ही उनका मुख्य सदस्य है। आदर्श सिंह का काम रुपये ट्रांसफर करने के लिए खाते, फोन करने के लिए फर्जी सिम उपलब्ध कराना था। आदर्श ने बताया कि ठगी की रकम में से उसे केवल कमीशन ही मिलता था। ठगी की रकम को क्रिप्टो करेंसी और इसी तरह के अन्य माध्यमों से गिरोह के सरगना तक पहुंचाया जाता है। जांच में सामने आया है कि यहां से विदेशों में जाने वाले लोगों से उनके साथियों के घरों के नंबर लिए जाते हैं और उनसे ही फोन भी करवाए जाते हैं।
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