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Chandigarh News: लोन देने का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश, एक करोड़ की नकदी समेत दस गिरफ्तार

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मोहाली/जीरकपुर। कम ब्याज दर पर लोन देने के नाम पर लोगों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर पुलिस ने सरगना समेत दस शातिरों को गिरफ्तार किया है। गिरोह बीते दस साल से जीरकपुर से ठगी का धंधा चला रहा था। शातिरों ने 18 फर्जी कंपनियां बना रखीं थीं। पुलिस ने आरोपियों से एक करोड़ रुपये की नकदी, 270 ग्राम सोना, 20 डेबिट कार्ड, 20 चेक बुक, 40 मोबाइल फोन, 15 कंप्यूटर, 50 सिमकार्ड और तीन कारें बरामद कीं हैं।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान के सरगना अमित कुमार हाल निवासी पीरमुछल्ला व स्थायी निवासी जालंधर, संजीव कुमार निवासी फाजिल्का (पंजाब), रूपेश कुमार उर्फ हेमंत कुमार उर्फ रोहित कुमार हाल निवासी सेक्टर-15 पंचकूला व स्थायी वासी फाजिल्का, शिव प्रकाश मिश्रा निवासी गांव जूड़ा पट्टी जिला सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश), करण दहिया निवासी सिरसा, भवन सिंह निवासी जोधपुर (राजस्थान), उमेश चंद्र निवासी जालंधर, अजय कुमार निवासी सेक्टर-52 चंडीगढ़, करन व अर्जुन नय्यर दोनों निवासी जालंधर के रूप में हुई है। गिरोह के पांच सदस्य अभी फरार हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। गिरोह का सरगना अमित कुमार पहले ट्रैवल एजेंट था। बाद में वह फर्जी फाइनेंसर बनकर लोगों को ठगने लगा। आरोपियों ने तेलंगाना निवासी व्यक्ति से साढ़े चार लाख रुपये की ठगी की थी, जिसकी शिकायत मिलने के बाद मोहाली पुलिस ने जांच कर इस गिरोह का खुलासा किया।
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पूछताछ में पता चला है कि आरोपियों ने वर्ष 2008 में ढिल्लों नाम की एक कंपनी को टेकओवर किया था। उसके बाद एक-एक कर 18 फर्जी कंपनियां खड़ी कर ठगी का धंधा शुरू कर दिया। आरोपी फिलहाल 13 फर्जी कंपनियों से ठगी का नेटवर्क चला रहे थे। आरोपी कम ब्याज और सिविल स्कोर कम होने के बावजूद मोटा कर्ज दिलवाने का प्रलोभन देते थे और उनसे आवेदन शुल्क और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगी करते थे। मोहाली पुलिस ने मंगलवार को जीरकपुर थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

गिरोह इस तरह करता था ठगी

एसएसपी डॉ. संदीप गर्ग ने बताया कि आरोपी जीरकपुर स्थित अपने कार्यालय से फोन कर ग्राहकों को लोन दिलाने का झांसा देकर फंसाते थे। ग्राहक जब लोन लेने के लिए तैयार हो जाता था तो आरोपी उसे आवेदन शुल्क के नाम पर पैसे ले लेते थे और बाद में प्रोसेसिंग फीस के नाम पर मोटी रकम वसूलते थे। एक व्यक्ति से दो से चार लाख की ठगी का टारगेट रहता था। बाद में आरोपी अपना बैंक खाता और मोबाइल नंबर बंद कर देते थे। खास बात यह है कि आरोपी अपनी कंपनी का विज्ञापन सोशल मीडिया पर खूब करते थे। सोशल मीडिया पर लोगों को सस्ता कर्ज देने का लालच देते थे। फिर लोगों को मैसेज भेजकर अपने जाल में फंसाते थे।
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पंजाब में ठिकाना लेकिन ठगी दूसरे राज्यों में
आरोपी इतने शातिर हैं कि पंजाब में किसी से ठगी नहीं करते थे। वह पंजाब के बाहर के लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। ऐसे ही तेलंगाना निवासी एक व्यक्ति को आरोपियों ने ठग लिया, जिसकी शिकायत पर पुलिस मामले की जांच कर रही थी। आरोपियों के बैंक खाते और अन्य जानकारी के माध्यम से ही पुलिस शातिरों तक पहुंची।

ठगी की रकम से बनाईं बेनामी संपत्तियां

पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने 10 साल में हजारों लोगों से मोटी रकम ठगी है। ठगी की इस रकम से आरोपियों ने कई बेनामी संपत्तियां बनाईं हैं। जांच में पता चला है कि आरोपियों के जीरकपुर में तीन फ्लैट हैं। वहीं जीरकपुर-पटियाला रोड पर जिस शोरूम में यह गिरोह काम कर रहा था, वह भी इनका ही है। आरोपियों में से जोधपुर निवासी भवन सिंह एक लोन कंपनी में 10 साल काम कर चुका है। उसे कर्ज लेने वालों से किस तरह बात करनी है, कैसे फंसाना है, सबकुछ पता था।

अजय बिना दस्तावेजों के दिलाता था सिमकार्ड
गिरोह के सरगना अमित पर पहले भी अंबाला थाने और आरोपी संजीव पर चंडीगढ़ सेक्टर-34 थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी अजय कुमार बिना किसी दस्तावेजों के गिरोह को मोबाइल सिमकार्ड दिलवाने का काम करता था।
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इन कंपनियों के नाम पर चल रहा था ठगी का खेल

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1. साउथ कैपिटल

2. फॉर्च्यून फाइनांस एंड लीजिंग
3. केवी फाइनांस एंड इनवेस्टमेंट कंपनी
4. मेघ
5. सुचित्रा
6. बेल इंडिया
7. वायुदूत फाइनांस एंड लीजिंग
8. पूर्ण
9. एब्स्लूयट लीजिंग एंड फिनइनवेस्ट कारपोरेशन
10. फर्स्ट हॉरिजोन नेशनल सर्विस
11. अंकित बिजनेस सॉल्यूशन
12. वेसन फाइनांस एंड लीजिंग कंपनी
13. देवयानी इंटरनेशनल सर्विसिज
14. सीकर्स हाइट्स इंडिया
15. इंडो एशिया कैपिटल
16. क्रेडिट सर्च वेल्थ मैनेजमेंट सर्विस
17. हेमंत
18. एयूएस एजटेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
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