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Chandigarh News: एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश, उदयपुर से 5 काबू

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पंचकूला। एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर साइबर थाना पुलिस, सेक्टर-12 ने पांच शातिरों को उदयपुर (राजस्थान) गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 24 मोबाइल फोन और पांच डेबिट कार्ड बरामद हुए हैं। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी अब तक एस्कॉर्ट सर्विस का झांसा देकर करीब 100 लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं।
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आरोपियों ने पंचकूला निवासी एक नाबालिग लड़के को भी अपने जाल में फंसाकर उससे 1.18 लाख रुपये ऐंठ लिए थे। आरोपियों की पहचान राजेंद्र पटिदार (27), मनीष पटिदार (23), मोहन लाल अहारी (24 ), दिलीप पटिदार (19) और राहुल ननोमा (19) गांव गलियाणा जिला डूंगरपुर (राजस्थान) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
बुधवार को डीसीपी (कानून व्यवस्था) निकिता खट्टर ने सेक्टर-12 स्थित साइबर थाने में प्रेसवार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सभी आरोपी मूलरूप से जिला डूंगरपुर (राजस्थान) के रहने वाले हैं। आरोपी पिछले एक साल से राजस्थान के उदयपुर में किराए पर कमरा लेकर लोगों को ठगने का काम कर रहे थे। सभी आरोपी दसवीं से 12वीं पास हैं।
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डीसीपी ने बताया कि आरोपी डेटिंग एप पर नजर रखते थे और वहां से लोगों के नंबर लेकर उन्हें एस्कॉर्ट सर्विस मुहैया कराने का झांसा देकर जाल में फंसाते थे। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने पंचकूला निवासी एक नाबालिग लड़के को भी इसी तरह अपने जाल में फंसाया और उससे 1.18 लाख रुपये ठग लिए। इसके मामला पुलिस तक पहुंचा। पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की।
डीसीपी ने बताया कि पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह अब तक करीब 100 लोगों ठगी का शिकार बना चुके हैं और उनसे लाखों रुपये ठग चुके हैं। आरोपियों से 24 मोबाइल फोन मिले हैं। इनमें आईफोन भी शामिल हैं। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से ठगी के पैसे रिकवर करेगी। रिमांड के दौरान और कई खुलासे भी हो सकते हैं।

लिंक पर क्लिक करते ही खुला व्हाट्सएप नंबर, आरोपियों ने भेजी लड़कियों की फोटो
शिकायतकर्ता पिता ने बताया कि उनका एक 17 साल का बेटा और एक बेटी है। दो मई को वह किसी काम से कर्नाटक गए हुए थे और उनकी पत्नी अपने मायके गई थी। घर पर एक मोबाइल रखा हुआ था जिसका नंबर बैंक खाते से जुड़ा है। दो मई की दोपहर करीब एक बजे उनका बेटा मोबाइल पर इंटरनेट चला रहा था। इसी बीच अचानक एक लिंक पर क्लिक करने पर एक व्हाट्सएप नंबर खुल गया। बेटे ने उस नंबर पर मैसेज किया। इसके बाद आरोपियों ने उनके बेटे को बहला फुसलाकर लड़कियों की फोटो दिखाई और 500 रुपये पेटीएम से भेजने की मांग की। आरोपियों ने एक क्यूआर कोड भी भेजा और उनके बेटे पर दबाव बनाकर उनकी पत्नी के खाते से अटैच नंबर से 118500 रुपये ठग लिए।
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